इटली - इटली गणराज्य की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके ऐतिहासिक राजनीतिक कार्यकाल के लिए हार्दिक बधाई दी है। मेलोनी ने कहा कि मोदी ने भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

सोशल मीडिया पर जताई खुशी
प्रधानमंत्री मेलोनी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि हाल ही में रोम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करना उनके लिए एक सुखद अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति बनी।
रणनीतिक साझेदारी पर जोर
मेलोनी ने अपने संदेश में यह भी उल्लेख किया कि भारत और इटली के बीच एक विशेष रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देना और भविष्य में व्यापार, तकनीक, सुरक्षा और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना है।
भविष्य के अवसरों की उम्मीद
इटली की प्रधानमंत्री ने कहा कि यह साझेदारी दोनों देशों और उनके नागरिकों के लिए नए अवसर पैदा करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और इटली मिलकर वैश्विक मंच पर सहयोग को और अधिक प्रभावी बना सकते हैं।
भारत-इटली संबंधों में नई ऊर्जा
इस बधाई संदेश को दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक संबंधों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी आने वाले समय में आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और गति दे सकती है।

पीएम मोदी के कार्यकाल के 4399 दिन पूरे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून को भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने यह उपलब्धि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़कर हासिल की है। मोदी ने 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और आज उनके कार्यकाल के 4399 दिन पूरे हो गए हैं।
मोदी सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बने
इससे पहले यह रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम था, जिन्होंने कुल 4398 दिनों तक प्रधानमंत्री पद संभाला था। नेहरू स्वतंत्रता के बाद 15 अगस्त 1947 से 13 मई 1952 तक प्रधानमंत्री रहे और इसके बाद 1952 के आम चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद वे 13 मई 1952 से 27 मई 1964 तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बने रहे।वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह लगातार तीसरा कार्यकाल है और इस उपलब्धि को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।