नई दिल्ली - भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है, जबकि विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर अराजकता और टकराव का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।
'सरकार चर्चा के लिए तैयार, विपक्ष भाग रहा'
मीडिया से बातचीत में सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि केंद्र सरकार संसद में NEET पेपर लीक मामले पर खुली और विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल संसद में बहस से बच रहे हैं और बाहर प्रदर्शन कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा शुरू से ही इस मामले पर पारदर्शी चर्चा करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की रही है।
'बार-बार बदल रहा है विपक्ष का रुख'
भाजपा प्रवक्ता ने विपक्ष पर अपना रुख लगातार बदलने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, शुरुआत में विपक्ष ने संसद में चर्चा की मांग की थी, लेकिन जब सरकार ने चर्चा के लिए सहमति दे दी तो विपक्ष ने अलग-अलग नियमों और प्रक्रियाओं का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्ष कभी एक मुद्दा उठाता है तो कभी दूसरा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उसका उद्देश्य समाधान नहीं बल्कि राजनीतिक टकराव पैदा करना है।
'संसद के बजाय सड़कों पर राजनीति'
त्रिवेदी ने कहा कि लोकतंत्र में संसद सबसे बड़ा मंच है, जहां राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। लेकिन विपक्ष संसद की कार्यवाही में भाग लेने के बजाय सड़कों पर प्रदर्शन और राजनीतिक नाटक करने में अधिक रुचि दिखा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी छात्रों की भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि सरकार लगातार परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
छात्रों के हित सर्वोपरि होने का दावा
भाजपा ने दोहराया कि केंद्र सरकार छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक सुधार कर रही है, ताकि भविष्य में किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि संसद में सार्थक चर्चा हो, सुझाव आएं और सभी दल मिलकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग करें।
विपक्ष के रवैये को बताया गैर-जिम्मेदाराना
सुधांशु त्रिवेदी ने अंत में कहा कि विपक्ष का वर्तमान रवैया लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर संसद की कार्यवाही बाधित करने और गंभीर मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाते हुए इसे "गैर-जिम्मेदाराना और निंदनीय" बताया। भाजपा का कहना है कि सरकार हर स्तर पर छात्रों के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि विपक्ष इस संवेदनशील मुद्दे पर भी केवल राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहा है।