नई दिल्ली: कथित NEET पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन के बीच संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ गई है। दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें टाइफाइड हो गया है। इसके बावजूद उन्होंने साफ कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है तथा संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।
अभिजीत दीपके ने X पर दी स्वास्थ्य की जानकारी
अभिजीत दीपके ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर पोस्ट करते हुए बताया कि वह टाइफाइड से पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद छात्रों की मांगों को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने दोहराया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

संसद मार्ग पर बढ़ाई गई सुरक्षा
जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। संसद मार्ग पर लाउडस्पीकर लगाए गए हैं और हर प्रवेश बिंदु पर फेस रिकग्निशन सिस्टम से लैस पुलिस वाहन तैनात किए गए हैं। आने-जाने वाले लोगों की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप के बाद प्रदर्शन में कमी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप और सरकार व CJP के बीच बातचीत शुरू होने के बाद प्रदर्शन स्थल पर भीड़ में कमी देखी गई है। जंतर-मंतर से टॉलस्टॉय रोड और संसद मार्ग तक प्रदर्शनकारियों की संख्या पहले के मुकाबले करीब 25 प्रतिशत कम बताई जा रही है।
दीपके ने समर्थकों से डटे रहने की अपील की
घटती भीड़ के बीच अभिजीत दीपके और संगठन के अन्य प्रवक्ताओं ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन जारी रखने की अपील की। दीपके ने कहा कि सरकार रात के समय गिरफ्तारी या हिरासत जैसी कार्रवाई कर सकती है, इसलिए समर्थक सतर्क रहें। उन्होंने शनिवार और रविवार को बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद भी जताई, हालांकि इसका खास असर फिलहाल दिखाई नहीं दिया।
कन्हैया कुमार हिरासत में, राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का सीमित असर
प्रदर्शन के समर्थन में पहुंचे कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वहीं संसद मार्ग पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित रखा। दूसरी ओर, CJP द्वारा दिए गए राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के आह्वान का व्यापक असर देखने को नहीं मिला। मुंबई सहित कुछ शहरों को छोड़कर अधिकांश स्थानों पर अपेक्षित भीड़ नहीं जुटी।
आंदोलन पर बनी हुई है सबकी नजर
दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन, बढ़ती सुरक्षा व्यवस्था और सरकार तथा आंदोलनकारियों के बीच बातचीत की प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में वार्ता और प्रशासनिक कदम आंदोलन की दिशा तय कर सकते हैं।