नई दिल्ली- नीट पेपर लीक विवाद के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों और कर्मचारियों की बर्खास्तगी पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केवल कुछ अधिकारियों को हटाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पूरी व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है।
'आका बचेगा तो डाका पड़ता रहेगा'
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शायरी अंदाज में सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा—
"जब बचा रहेगा आका, तो पड़ता रहेगा डाका! दिखाने के लिए सिर्फ़ 'खाँचा' नहीं, पूरा का पूरा 'ढाँचा' बदलना चाहिए।"
उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक व्यवस्था के शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक पेपर लीक जैसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं।
NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त
केंद्र सरकार ने पेपर लीक विवाद के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए NTA के 47 अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। इससे पहले शिक्षा विभाग में भी बड़े प्रशासनिक बदलाव किए जा चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, सरकार अगले महीने NTA के व्यापक पुनर्गठन की तैयारी कर रही है। इसके तहत परीक्षा प्रबंधन, कार्यप्रणाली और आउटसोर्सिंग सिस्टम में बदलाव किए जाएंगे, ताकि परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाई जा सके।
सपा ने कार्रवाई को बताया नाकाफी
अखिलेश यादव ने कहा कि केवल अधिकारियों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने दोहराया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना चाहिए और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि व्यवस्था के शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होगी, तो पेपर लीक जैसी घटनाएं भविष्य में भी होती रहेंगी।