असम- असम और गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। दोनों राज्यों में कई नदियां उफान पर हैं, जिससे बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गांवों में पानी भर गया है, सड़क संपर्क टूट चुके हैं और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हालात को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं।
असम में 47 लोगों की मौत, 40 अब भी लापता
असम में लगातार बारिश के कारण बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। राज्य में अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ की चपेट में राज्य के 25 जिले आ चुके हैं और 10.63 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार और जिला प्रशासन राहत शिविरों के माध्यम से प्रभावित लोगों तक भोजन, पेयजल और जरूरी सुविधाएं पहुंचाने में जुटे हैं। साथ ही जलमग्न क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान भी जारी है।
शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित
असम का शिवसागर जिला सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है, जहां लगभग 3.8 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा चराइदेव जिले में करीब 1.9 लाख और जोरहाट जिले में 1.2 लाख से अधिक लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं। प्रशासन के अनुसार अब तक 28,912 लोगों को संवेदनशील और जलमग्न इलाकों से निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया जा चुका है।
गुजरात में तीसरे दिन भी मूसलाधार बारिश
गुजरात में लगातार तीसरे दिन हुई भारी बारिश ने कई जिलों में सामान्य जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है और निचले इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ा है। राज्य सरकार ने अब तक करीब 50 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
स्कूल बंद, ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए कई प्रभावित इलाकों में स्कूलों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। वहीं भारी बारिश और जलभराव के कारण मुंबई जाने वाली कई ट्रेनें भी रद्द कर दी गई हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
सेना और राहत एजेंसियां संभाल रही मोर्चा
दोनों राज्यों में सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नावों और विशेष बचाव उपकरणों की मदद से लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों को भोजन, पेयजल, दवाइयां और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बनाए हुए है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है।लगातार हो रही बारिश के कारण दोनों राज्यों में बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
