देशभर में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 से 48 घंटे को बेहद अहम बताते हुए 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। कई राज्यों में बाढ़, भूस्खलन और जलभराव जैसे हालात बन गए हैं, जबकि प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील कर रहा है।
देशभर में मानसून का नया दौर शुरू हो चुका है और इसका असर उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर, पश्चिम और मध्य भारत तक साफ दिखाई दे रहा है। जून के अंत और जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश के बाद कुछ दिनों तक मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई थी, लेकिन अब बंगाल की खाड़ी और पश्चिमी भारत में बने मजबूत मौसम तंत्र के कारण बारिश ने फिर जोर पकड़ लिया है। कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर हैं, सड़कें जलमग्न हो गई हैं और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं।
क्यों अचानक तेज हुआ मानसून?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area), राजस्थान के ऊपर बने मौसम तंत्र और पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने मानसून को नई ऊर्जा दी है। इसके साथ ही अरब सागर से लगातार नमी मिलने के कारण बादल तेजी से सक्रिय हुए हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन परिस्थितियों के चलते अगले दो दिनों तक उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
इन 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन राज्यों के कई हिस्सों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों से खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।
नागालैंड में बिगड़े हालात, हेलीकॉप्टर से बचाए गए 180 से ज्यादा लोग
पूर्वोत्तर भारत में लगातार बारिश के कारण हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। नागालैंड के कई इलाकों में सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है और कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। राहत एवं बचाव एजेंसियों ने हेलीकॉप्टर की मदद से 180 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। प्रशासन लगातार प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री और मेडिकल सहायता पहुंचाने में जुटा हुआ है।
असम में उफान पर नदियां, बढ़ रहा बाढ़ का खतरा
असम में लगातार बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई जिलों में बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। हजारों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तैनात किया है। कई सड़कों पर यातायात बाधित है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में भी बारिश का कहर
महाराष्ट्र में गोदावरी नदी उफान पर है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। गुजरात के कई जिलों में भारी बारिश के कारण सड़कें डूब गई हैं और कई जगह यातायात प्रभावित हुआ है। राजस्थान में भी लगातार बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। प्रशासन ने स्कूलों और स्थानीय अधिकारियों को अलर्ट पर रखा है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में यात्रा करने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने और मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही सफर करने की सलाह दी है।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में मिलेगी गर्मी से राहत
दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना है। इससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, कुछ इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन सकती है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से आवश्यक होने पर ही घर से निकलने की अपील की है।
क्या करें और क्या न करें? IMD की एडवाइजरी
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश के समय नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों में न जाएं और सुरक्षित भवन में शरण लें। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा सलाह का पालन करें। किसानों को खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था करने तथा मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
अगले 48 घंटे क्यों हैं बेहद महत्वपूर्ण?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे पूरे देश के लिए अहम रहने वाले हैं। यदि कम दबाव का क्षेत्र और मजबूत होता है तो कई राज्यों में भारी बारिश का दौर और तेज हो सकता है। ऐसे में बाढ़, भूस्खलन, जलभराव और यातायात बाधित होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखें, अफवाहों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।