कोलकाता - बागी टीएमसी सांसद सायोनी घोष ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त किए जाने का स्वागत किया। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि सरकार और CJP के बीच शुरू हुई बातचीत से सार्थक और बेहतर परिणाम निकलने की उम्मीद है। सायोनी ने आगे कहा कि यह राहत की बात है कि संवाद का रास्ता खुला है और इससे छात्रों तथा सरकार के बीच विश्वास मजबूत होगा।

"सरकार और बच्चे दोनों देश के हैं"
सायोनी घोष ने कहा कि इस पूरे मुद्दे में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चे भी इसी देश के हैं और सरकार भी इसी देश की है। इसलिए जो भी फैसला हो, वह दोनों के हित में होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने अपने इस बयान में आगे यह भी कहा कि सरकार और छात्रों के बीच संवाद जारी रहना लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है और सभी पक्षों को समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
विपक्ष पर लगाया राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप
इस दौरान सायोनी घोष ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक मंच बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और देश के युवाओं ने जिस आंदोलन की शुरुआत की थी, उसमें बाद में विपक्षी दल अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने पहुंच गए। उनके मुताबिक, इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश उचित नहीं है।
सरकार बच्चों की बात सुन रही है
उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुन रही है और आगे भी उनकी बात सुनेगी। सायोनी घोष ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह युवाओं की चिंताओं का समाधान निकाले और ऐसा माहौल बनाए, जिससे छात्रों का परीक्षा व्यवस्था और शासन पर विश्वास बना रहे।
संवाद को बताया समाधान का रास्ता
सायोनी घोष ने कहा कि टकराव की बजाय बातचीत से समाधान निकलना लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और छात्र संगठनों के बीच चल रही वार्ता का सकारात्मक परिणाम सामने आएगा और इससे शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठी चिंताओं का समाधान निकलेगा।
जंतर-मंतर पर बढ़ाई गई सुरक्षा
इसी बीच दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। प्रशासन को आशंका है कि वीकेंड के दौरान प्रदर्शन में शामिल होने वालों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित किया गया है और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

SSB जवानों की भी तैनाती
पहली बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों को भी जंतर-मंतर पर तैनात किया गया है। सामान्य तौर पर SSB भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उसके जवानों की तैनाती अन्य स्थानों पर भी की जाती है। प्रदर्शन स्थल पर SSB के जवान दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं।