पटना - बिहार में उद्योग की स्थापना के लिए सभी प्रकार की स्वीकृति अब माह भीतर मिल जाएगी। इसके लिए राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (एसआइपीबी) सचिवालय को एकल नोडल एजेंसी के रूप में प्राधिकृत किया गया है। किसी कारण से अगर निर्धारित समय में स्वीकृति नहीं मिली, तो एसआइपीबी को डीम्ड क्लीयरेंस जारी करने का अधिकार होगा। बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम-2016 के अंतर्गत अब एसआइपीबी को व्यापक प्रशासनिक एवं विधिक शक्तियां मिल गई हैं।
30 दिन में फैसला नहीं तो अपने आप मिल जाएगी मंजूरी!
अब एसआइपीबी सचिवालय द्वारा उद्योग की स्थापना से संबंधित किसी आवेदन की तकनीकी जांच एवं अनुशंसा किए जाने के बाद संबंधित सक्षम प्राधिकार को 30 दिनों के भीतर अथवा निर्धारित समय-सीमा के अंदर स्वीकृति प्रदान करना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था केवल प्रशासनिक निर्देश नहीं, बल्कि विधिक रूप से बाध्यकारी होगी। यदि कोई विभाग अथवा सक्षम प्राधिकार निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्णय लेने में विफल रहता है, तो निवेशकों के हितों की रक्षा करते हुए एसआइपीबी सचिवालय द्वारा डीम्ड क्लीयरेंस जारी होगा।
बिहार में उद्योग लगाने वालों के लिए आया ‘नो वेटिंग’ फॉर्मूला!
उसका अनुपालन संबंधित विभाग के लिए अनिवार्य होगा तथा उस पर पुनर्विचार की कोई गुंजाइश नहीं होगी। यह राज्य मंत्रिमंडल द्वारा लिया गया निर्णय है, जिसे मंगलवारको मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर बिहार में उद्योगों की राह कुछ और सुगम होने की उद्घोषणा की। उन्होंने कहा कि बिहार को तीव्र औद्योगिक विकास, व्यापक रोजगार सृजन और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यह निर्णय हुआ है।
अब एक ही मंच से मिलेंगे सारे फैसले, सरकार का बड़ा प्लान
नई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न तकनीकी एवं विनियामक विभागों के सक्षम अधिकारियों को सीधे एसआइपीबी सचिवालय में प्रतिनियुक्त किया जाएगा। वे सभी अधिकारी औद्योगिक विकास आयुक्त के प्रत्यक्ष प्रशासनिक नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण में कार्य करेंगे। इससे सभी निर्णय एक ही मंच पर त्वरित रूप से लिए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों की स्थापना, संचालन एवं विस्तार से संबंधित सभी अनुमतियों के लिए व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी निर्धारित करेगी।
बिहार में निवेश का नया युग ?
इससे स्वीकृति प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास ही बिहार की आर्थिक समृद्धि, युवाओं के लिए रोजगार और राज्य के समग्र विकास का सबसे मजबूत आधार है। बिहार को देश-दुनिया के निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद और पसंदीदा निवेश स्थल बनाना राज्य सरकार का संकल्प है।