भारतीय रेलवे के यात्रियों के लिए खानपान सेवाओं से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। एलपीजी सिलेंडरों की संभावित कमी और वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने ट्रेनों में दोबारा खाना पकाने की व्यवस्था शुरू करने की तैयारी की है। हालांकि इस बार गैस सिलेंडरों की जगह आधुनिक इलेक्ट्रिक इंडक्शन स्टोव का उपयोग किया जाएगा।
LHB पैंट्री कारों में तैयार होगा ताजा भोजन
रिपोर्ट के मुताबिक, आईआरसीटीसी आधुनिक लिंक हॉफमैन बुश (LHB) पैंट्री कारों में बिजली की मदद से भोजन तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। इस व्यवस्था से रोजाना लगभग 1400 ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को लाभ मिलेगा, जहां प्रतिदिन करीब 17 लाख भोजन परोसे जाते हैं।
वैश्विक ऊर्जा संकट का असर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण यह कदम उठाया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच भारत में भी एलपीजी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ी है। ऐसे में रेलवे ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इलेक्ट्रिक कुकिंग को अपनाने का फैसला किया है।
सुरक्षा मानकों के साथ मिलेगी कुकिंग की अनुमति
आईआरसीटीसी के अधिकारियों के अनुसार, आधुनिक पैंट्री कारों में पर्याप्त सुरक्षा सुविधाएं मौजूद हैं। इसी वजह से वेंडर्स को पैंट्री कार के भीतर इंडक्शन स्टोव के जरिए भोजन तैयार करने की अनुमति दी जा रही है। इसके अलावा बड़े रेलवे स्टेशनों पर भी इंडक्शन आधारित कुकिंग सिस्टम लागू किया जा रहा है। राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों में पहले से ही LHB कोच का उपयोग किया जा रहा है, जिससे इस योजना को लागू करना आसान होगा।
रोजाना 1000 सिलेंडरों की होती है जरूरत
जानकारी के अनुसार, आईआरसीटीसी के बेस किचन, क्लस्टर किचन और अन्य कैटरिंग सेवाओं को संचालित करने के लिए प्रतिदिन लगभग 1000 कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता होती है। इंडक्शन आधारित कुकिंग व्यवस्था से इस निर्भरता को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
पहले क्यों बंद की गई थी ट्रेनों में कुकिंग?
रेलवे ने कई वर्ष पहले चलती ट्रेनों में भोजन पकाने की व्यवस्था बंद कर दी थी और बेस किचन मॉडल अपनाया था। इसके तहत भोजन केंद्रीयकृत रसोईघरों में तैयार कर ट्रेनों में उपलब्ध कराया जाता था।
इसके पीछे मुख्य कारण थे:
- भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करना
- गैस सिलेंडरों से होने वाले आग और सुरक्षा जोखिम को कम करना
- सभी यात्रियों को एक समान गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराना
नई तकनीक के साथ वापसी
अब बदलते वैश्विक हालात और एलपीजी आपूर्ति संबंधी चुनौतियों को देखते हुए रेलवे एक बार फिर ट्रेनों में कुकिंग व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। हालांकि इस बार सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गैस के बजाय इंडक्शन तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे यात्रियों को ताजा भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का भी पालन किया जा सकेगा।