मध्यप्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद मंगलवार शाम चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर राजनीतिक तनाव बढ़ गया। फैसले के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई।
चुनाव आयोग के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन
इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुरक्षा कर्मियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। बताया गया कि जयराम रमेश को परिसर में प्रवेश से रोक दिया गया, क्योंकि उनके पास बैठक से संबंधित कोई आधिकारिक अनुमति या सूचना नहीं थी।
चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर माहौल तनावपूर्ण
नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस नेताओं का बड़ा जमावड़ा निर्वाचन सदन के बाहर लग गया। केसी वेणुगोपाल के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मिलने के लिए समय मांगा था, जिसके तहत कई वरिष्ठ नेता वहां पहुंचे। इसी दौरान प्रवेश को लेकर विवाद और बहस तेज हो गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।इस प्रदर्शन में केसी वेणुगोपाल, भूपेश बघेल, सचिन पायलट सहित कई नेता मौजूद रहे।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
केसी वेणुगोपाल ने इस घटनाक्रम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को अपनी बात रखने से रोका जाना चिंताजनक है।जयराम रमेश ने कहा कि वे अपना पक्ष रखने के लिए चुनाव आयोग पहुंचे थे, लेकिन उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई।