भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र सेवा के 12 वर्ष पूर्ण होने पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10 जून को भोपाल के गुफा मंदिर पहुंचे। वे यहां आयोजित हनुमान चालीसा पाठ कार्यक्रम में भी सम्मिलित हुए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने भगवान से प्रधानमंत्री मोदी की दीर्घायु और दीर्घकालीन शासन की कामना की। उन्होंने बाबा महाकाल से भी पीएम मोदी के वर्ष 2029 में फिर प्रधानमंत्री बनने की प्रार्थना की।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि आजादी के बाद निर्वाचित रूप से प्रधानमंत्री का रिकॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम था, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तोड़ा है। हमें गर्व है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 17 राज्यों में भाजपा और कुल 22 राज्यों में एनडीए की सरकार है। एक साधारण परिवार से आकर देश के प्रधानसेवक के रूप में हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री मोदी समर्पित हैं। कांग्रेस ने हिंदू-मुस्लिम एकता को समाप्त करने का काम किया। अपने स्वार्थ के लिए काम करने के कारण आज कांग्रेस देश से साफ हो चुकी है।

दक्षिण के राज्य भी जीतेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आप सभी की उम्मीदें हमें वर्ष 2029 के चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी के चौथे कार्यकाल के लिए संकल्पित कर रही हैं। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि आज प्रधानमंत्री मोदी नए संकल्प के साथ सुशासन को आगे बढ़ाएंगे। वे वर्ष 2029 में भी लोकसभा चुनाव जीतें और ये सुशासन के काम को गति दें। उन्होंने कहा कि जब तक भगवान श्री राम ने लंका नहीं जीती थी, तब तक हनुमान जी का प्रेम खुलकर प्रकट नहीं हुआ था। अब दक्षिण के कुछ राज्य बचे हैं, जो भगवान राम और भगवान हनुमान की कृपा से हम जीतेंगे।
देश में कायम किया सुशासन
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि इस जीत के संकल्प के साथ पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी का झंडा लहराएगा, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक बार फिर हम नए संकल्प लेकर चलेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने शासन के सारे सूत्रों को एक करके जन-कल्याण के कामों को हाथ में लिया, देश में सुशासन कायम किया। प्रधानमंत्री मोदी देश के दुश्मनों के लिए काल बने। मैं बाबा महाकाल से कामना करता हूं कि वे प्रधानमंत्री मोदी को वर्ष 2029 में भी सफल करें।
कांग्रेस ने लीक की अपनी आंतरिक स्थिति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस ने हार के भय से अपने प्रत्याशी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को जानबूझकर और सुनियोजित तरीके से छिपाने का प्रयास किया, लेकिन अब सच्चाई जनता के सामने आ चुकी है। इस सीट पर कांग्रेस के कई नेताओं की नजर थी और वे दावेदारी कर रहे थे। जब उन्हें टिकट नहीं मिला, तो पार्टी के भीतर की नाराजगी सामने आई और उन्हीं लोगों ने संबंधित तथ्यों एवं कारनामों को सार्वजनिक कर दिया। इससे कांग्रेस की आंतरिक स्थिति और उसकी कार्यप्रणाली भी उजागर हो गई है।