अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर दिखाई देने लगा है। बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाओं के बीच निवेशकों ने तेल खरीदारी बढ़ा दी।
ब्रेंट क्रूड 93 डॉलर के पार
अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 1 प्रतिशत बढ़कर 93.26 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 0.97 प्रतिशत की तेजी के साथ लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी कार्रवाई
तेल बाजार में उछाल की मुख्य वजह अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट ईरानी सैन्य ठिकानों पर की गई कार्रवाई रही। अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसने आत्मरक्षा के तहत ईरान के एयर डिफेंस, ग्राउंड कंट्रोल और निगरानी रडार सिस्टम को निशाना बनाया।
अपाचे हेलीकॉप्टर घटना के बाद बढ़ा तनाव
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक यह कार्रवाई अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को कथित तौर पर मार गिराए जाने के जवाब में की गई। हालांकि ईरान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हेलीकॉप्टर दुर्घटना एक हादसा थी और इसमें उसकी कोई भूमिका नहीं थी।
वैश्विक बाजारों में बढ़ी बेचैनी
अमेरिका-ईरान टकराव बढ़ने से निवेशकों की चिंता भी बढ़ गई है। बाजारों को उम्मीद थी कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होगा, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता को बढ़ा दिया है।
एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट
तनाव का असर एशियाई शेयर बाजारों पर भी दिखाई दिया। जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 1 प्रतिशत से अधिक गिर गए। वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 4 प्रतिशत तक टूट गया।
अमेरिकी बाजार भी दबाव में
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुए। नैस्डैक कंपोजिट 0.97 प्रतिशत और एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
घरेलू बाजार ने दिखाई मजबूती
वैश्विक दबाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान मजबूती देखने को मिली। प्रमुख सूचकांकों में लगभग 0.5 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई, जिससे निवेशकों का भरोसा बना रहा।