नई दिल्ली/कोलकाता: राजनीति के रूखे-सूखे और बेहद गंभीर गलियारों में एक बार फिर बंगाल की मशहूर और चटपटी 'झालमुड़ी' (Jhalmuri) की जबरदस्त चर्चा हो रही है। देश की राजधानी दिल्ली के भारत मण्डपम (Bharat Mandapam) में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों और मुख्यमंत्रियों के लिए आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान बेहद दिलचस्प और खुशनुमा नजारा देखने को मिला। यहाँ पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (CM Suvendu Adhikari) ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को अपने हाथों से विशेष रूप से झालमुड़ी बनाकर खिलाई।
पीएम मोदी को सुवेंदु अधिकारी के हाथों का यह जायका इतना पसंद आया कि उन्होंने न सिर्फ इसकी जमकर तारीफ की, बल्कि इसे बेहद स्वादिष्ट बताते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को धन्यवाद (Thank You) भी कहा।
NDA की डिनर मीटिंग में 'झालमुड़ी' का तड़का
अवसर बेहद ऐतिहासिक था, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। इसी उपलक्ष्य में एनडीए (NDA) शासित सभी 22 राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उप-मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ सांसदों के लिए दिल्ली के भारत मण्डपम में एक भव्य राजसी डिनर का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में बंगाल के नए मुख्यमंत्री के तौर पर सुवेंदु अधिकारी भी शामिल हुए थे। इसी शानदार समारोह के बीच अचानक यह 'चटपटा' पल आया और राजनीति की भारी-भरकम चर्चाओं के बीच बंगाल का यह सबसे सस्ता और पसंदीदा स्ट्रीट स्नैक लाइमलाइट में आ गया।
झारग्राम से शुरू हुई थी यह 'मसालेदार' कहानी
राजनीति के मंच पर झालमुड़ी का यह सफरनामा कोई नया नहीं है। दरअसल, साल 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान झारग्राम में रोड शो के बाद पीएम मोदी अचानक एक सड़क किनारे की दुकान पर रुक गए थे और वहां उन्होंने जेब से 10 रुपये निकालकर झालमुड़ी का आनंद लिया था। पीएम मोदी का वह वीडियो锁 सोशल मीडिया पर इस कदर वायरल हुआ कि देखते ही देखते झालमुड़ी बंगाल चुनाव में एक बड़ा遗 राजनीतिक हथियार बन गई।
झालमुड़ी पर खूब हुई थी राजनीति: चुनाव के दौरान टीएमसी और बीजेपी दोनों ही खेमों में झालमुड़ी को लेकर होड़ मच गई थी। टीएमसी के नेताओं ने स्टेशनों पर झालमुड़ी बेचकर जनसंपर्क किया था, तो बीजेपी नेताओं ने भी इसके जरिए जमीनी कार्यकर्ताओं से जुड़ाव बनाया था। बंगाल चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद पीएम मोदी ने अपने अभिनंदन भाषण में भी बंगाल की झालमुड़ी का जिक्र किया था। यहाँ तक कि अपने नीदरलैंड्स के दौरे पर भी प्रवासी भारतीयों के बीच उन्होंने इसका स्वाद याद किया था।
जीत के जश्न का स्वाद बनी झालमुड़ी
चुनाव प्रचार के दौरान झारग्राम के जिस साधारण वेंडर से पीएम मोदी ने झालमुड़ी खाई थी, आज बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद वही झालमुड़ी जीत के जश्न का प्रतीक बन गई है। दिल्ली की इस हाई-प्रोफाइल बैठक में जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने खुद मास्टर शेफ की भूमिका निभाते हुए मुड़ी (मुरमुरा), सरसों का तेल और मसाले मिलाकर प्रधानमंत्री को पत्तों के दोने में सर्व किया, तो वहां मौजूद केंद्रीय मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह सहित सभी गठबंधन सहयोगी मुस्कुराए बिना नहीं रह सके।
जहाँ एक तरफ बंगाल में तृणमूल कामनाएं आंतरिक बगावत और मुकदमों के भंवर में फंसी है, वहीं दिल्ली में 'डबल इंजन' सरकार के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच की यह मसालेदार जुगलबंदी यह साफ बयां कर रही है कि दिल्ली से लेकर कोलकाता तक बीजेपी के हौसले बुलंद हैं।