भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 11 जून को आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के विकास, मानव संसाधन, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक समावेशन जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा की जाएगी। बैठक में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल तथा नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।
बैठक में मध्य प्रदेश का पक्ष रखेंगे डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस बैठक में मध्य प्रदेश से जुड़े विकासात्मक मुद्दों, राज्य की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को प्रस्तुत कर सकते हैं। माना जा रहा है कि वे प्रदेश में चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, कृषि विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों से संबंधित सुझाव भी बैठक में रखेंगे। नीति आयोग का यह मंच राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है, जहां विकास संबंधी चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा होती है।
2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर होगी चर्चा
इस वर्ष नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल बैठक का विषय ‘2047 तक विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास’ रखा गया है। बैठक में इस बात पर विचार किया जाएगा कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्यों की भूमिका किस प्रकार और अधिक प्रभावी बनाई जाए। मानव संसाधन विकास, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने से जुड़े विषय एजेंडे में प्रमुखता से शामिल हैं। केंद्र सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और सभी राज्यों की भागीदारी से विकसित भारत का लक्ष्य हासिल किया जाए।
रोजगार और कौशल विकास पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत बनाने पर भी चर्चा होगी। राज्यों से अपेक्षा की जाएगी कि वे स्थानीय आवश्यकताओं और संसाधनों के अनुसार रोजगार आधारित विकास मॉडल तैयार करें। डॉ. मोहन यादव भी मध्य प्रदेश में निवेश आकर्षित करने, उद्योगों के विस्तार और युवाओं के लिए रोजगार सृजन के प्रयासों को बैठक में प्रमुखता से रख सकते हैं।
स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक कल्याण पर बनेगी रणनीति
नीति आयोग की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, कुपोषण कम करने और सामाजिक कल्याण योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने पर भी मंथन होगा। महिलाओं, बच्चों, किसानों और कमजोर वर्गों के उत्थान से जुड़े विषयों पर राज्यों के सुझाव लिए जाएंगे। इसके अलावा सभी नागरिकों को समान अवसर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक नीतिगत सुधारों पर भी चर्चा की जाएगी।
देशभर के मुख्यमंत्री होंगे शामिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और मुख्य कार्यकारी अधिकारी भाग लेंगे। बैठक को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जहां केंद्र और राज्य मिलकर भविष्य की विकास रणनीति तैयार करेंगे।