नई दिल्लीृ केंद्र सरकार ने शहरी विकास, बुनियादी ढांचे और भविष्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में अहमदाबाद मेट्रो के विस्तार, अमरावती में नई इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और देश के विकास से जुड़े कई प्रस्तावों पर मुहर लगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी दी।
अहमदाबाद मेट्रो फेज-2ए को मिली मंजूरी
केंद्रीय कैबिनेट ने अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के फेज-2ए को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के तहत 6.032 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिसमें पांच नए स्टेशन बनाए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। मेट्रो विस्तार से ट्रैफिक दबाव कम करने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।
अहमदाबाद-गांधीनगर कनेक्टिविटी होगी मजबूत
फेज-2ए के पूरा होने के बाद अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच मेट्रो नेटवर्क और अधिक विस्तृत हो जाएगा। परियोजना के चालू होने के बाद दोनों शहरों को जोड़ने वाला कुल सक्रिय मेट्रो नेटवर्क 77.63 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा। इससे रोजाना यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन का विकल्प मिलेगा। सरकार इसे गुजरात के शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
अमरावती को मिली इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की सौगात
कैबिनेट ने आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती के विकास से जुड़ी दो प्रमुख परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इनमें केंद्रीय सरकारी जनरल पूल कार्यालय आवास (CGGPOA) और जनरल पूल आवासीय आवास (GPRA) शामिल हैं। इन परियोजनाओं के जरिए सरकारी कार्यालयों और कर्मचारियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का मानना है कि इससे अमरावती को एक सुव्यवस्थित प्रशासनिक केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट में पीएम मोदी के रिकॉर्ड पर प्रस्ताव
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम दर्ज हुए एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया गया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि नरेंद्र मोदी देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार पद पर रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस उपलब्धि को लेकर कैबिनेट बैठक में एक विशेष प्रस्ताव भी पारित किया गया और इसे लोकतांत्रिक जनादेश का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया गया।
अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सात संकल्प
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए सात प्रमुख संकल्पों पर जोर दिया है। इनमें डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहन, उद्यमिता विकास, कौशल प्रशिक्षण, खेल और फिटनेस को बढ़ावा देना शामिल है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को नई अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
कौशल विकास और नवाचार पर विशेष फोकस
सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था में कुशल मानव संसाधन सबसे बड़ी ताकत होंगे। इसी वजह से कौशल विकास, स्टार्टअप संस्कृति और नवाचार को नीति निर्माण का प्रमुख हिस्सा बनाया जा रहा है। कैबिनेट के अनुसार इन पहलों से एमएसएमई सेक्टर, उद्योगों और युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा तथा भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी।