श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में शनिवार सुबह भूकंप के झटकों से कश्मीर घाटी में हलचल मच गई। हालांकि झटके हल्के थे, लेकिन अचानक महसूस होने के कारण लोग एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
अफगानिस्तान के बदाखशान में था भूकंप का केंद्र
भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के बदाखशान के ज़ायबक क्षेत्र में बताया गया है। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.0 दर्ज की गई।
भूकंपीय आंकड़ों के अनुसार, यह भूकंप सुबह करीब 8:24 बजे आया और इसकी गहराई लगभग 190 किलोमीटर रही, जिसके कारण झटके दूर-दराज क्षेत्रों तक महसूस किए गए।
कश्मीर घाटी में दहशत का माहौल
कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में लोगों ने झटके महसूस किए। अचानक कंपन महसूस होते ही लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। कई जगहों पर लोग कुछ देर तक खुले स्थानों पर ही रुके रहे और स्थिति सामान्य होने के बाद ही वापस लौटे।
नुकसान की कोई सूचना नहीं
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस भूकंप से किसी भी तरह की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
हाल के महीनों में भी लगे झटके
इससे पहले मार्च में डोडा जिले में 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। वहीं फरवरी में बारामूला के पट्टन क्षेत्र में 4.7 तीव्रता के झटके महसूस किए गए थे, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई थी।
भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है क्षेत्र
विशेषज्ञों के अनुसार, कश्मीर घाटी भूकंपीय रूप से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में आती है। हिमालयी बेल्ट में स्थित होने के कारण यहां समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं।
गौरतलब है कि 8 अक्टूबर 2005 को आए 7.6 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने नियंत्रण रेखा के दोनों ओर भारी तबाही मचाई थी, जिसमें हजारों लोगों की जान गई और बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा था।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भूकंप के दौरान घबराएं नहीं, सुरक्षित स्थानों पर जाएं और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।