भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को अब रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडी (आरएफआईडी) बैंड पहनना अनिवार्य रहेगा। मंदिर समिति भस्म आरती में अनाधिकृत प्रवेश रोकने के लिए दीपावली के बाद प्रायोगिक तौर पर यह सुविधा शुरू कर सकती है।
भस्म आरती दर्शन व्यवस्था को पारदर्शी व भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए मंदिर समिति लंबे समय से प्रयास कर रही है। समय-समय पर इसके लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता रहा है। कई वर्ष पहले समिति ने मैनुअल रसीद बंद कर कम्प्यूटराइज्ड रसीद की शुरुआत की।
इसके बाद इस पर बारकोड लगाया गया। बाद में बारकोड रीडर से रसीद की जांच आदि की सुविधा शुरू हुई और अब आरएफआईडी तकनीक के इस्तेमाल की योजना है।
भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को अब रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडी (आरएफआईडी) बैंड पहनना अनिवार्य रहेगा। मंदिर समिति भस्म आरती में अनाधिकृत प्रवेश रोकने के लिए दीपावली के बाद प्रायोगिक तौर पर यह सुविधा शुरू कर सकती है।
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