दक्षिण पन्ना वनमण्डल में आयोजित तीन दिवसीय गिद्ध गणना 2026 में इस वर्ष रिकॉर्ड 1127 गिद्ध दर्ज किए गए हैं। विगत वर्षों की तुलना में गिद्धों की यह उल्लेखनीय वृद्धि वन विभाग के संरक्षण, जागरूकता एवं निगरानी प्रयासों की बड़ी सफलता मानी जा रही है। खासतौर पर पवई वन परिक्षेत्र में सर्वाधिक संख्या दर्ज होना क्षेत्र के स्वस्थ पारिस्थितिक संतुलन का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
पवई रेंज बना गिद्धों का सुरक्षित आवास
गणना के दौरान पवई वन परिक्षेत्र में 900 से अधिक गिद्ध दर्ज किए गए, जो वनमण्डल की कुल संख्या का प्रमुख हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार यह क्षेत्र गिद्धों के सुरक्षित आवास के रूप में तेजी से उभर रहा है। मैदानी अमले की सक्रिय निगरानी, सुरक्षित आवासीय परिस्थितियाँ एवं भोजन उपलब्धता को इस सफलता का मुख्य कारण माना जा रहा है।
संरक्षण एवं जागरूकता अभियानों का असर
वन विभाग के अनुसार गिद्धों की आबादी में वृद्धि के पीछे वल्चर फ्रेंडली गौशाला पहल एवं व्यापक जनजागरूकता अभियानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मेडिकल स्टोर्स, गौशालाओं एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिबंधित दवाओं के स्थान पर सुरक्षित पशु-औषधियों के उपयोग को लेकर लगातार अभियान चलाए गए। अधिकारियों ने बताया कि गिद्ध प्रकृति के महत्वपूर्ण सफाईकर्मी हैं, जो मृत पशुओं के शीघ्र निपटान के माध्यम से पर्यावरण को स्वच्छ एवं संतुलित बनाए रखने में अहम योगदान देते हैं।
Comments (0)