छतरपुर में बुलडोजर एक्शन मामले में प्रियंका गांधी की एंट्री हो गई। उन्होंने कार्रवाई को गलत बताते हुए एक्स पर लंबी पोस्ट लिखी। कहा, कोई आरोपी है तो उसका अपराध और सजा सिर्फ अदालत तय कर सकती है। पर आरोप लगते ही परिवार को सजा देना, उनके सिर से छत छीन लेना, कानून का पालन न करना, अदालत की अवहेलना करना घर ढहा देना- यह न्याय नहीं है। यह बर्बरता और अन्याय की पराकाष्ठा है।कानून बनाने वाले, कानून के रखवाले व तोडऩे वाले में फर्क होना चाहिए। सरकारें अपराधी की तरह व्यवहार नहीं कर सकतीं। कानून, संविधान, लोकतंत्र और मानवता का पालन सभ्य समाज में शासन की न्यूनतम शर्त है जो राजधर्म नहीं निभा सकता, वह न समाज का कल्याण कर सकता है, न ही देश का।
प्रियंका गांधी ने कहा कानून बनाने वाले, कानून के रखवाले व तोडऩे वाले में फर्क होना चाहिए। सरकारें अपराधी की तरह व्यवहार नहीं कर सकतीं।
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