मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था अधिक संतुलित और गतिशील बनी है। वित्तीय प्रबंधन में अनुशासन, पारदर्शी शासन और व्यवस्थित नीति क्रियान्वयन ने राज्य को स्थिर वृद्धि की राह पर स्थापित किया है। सर्वेक्षण के अनुसार राज्य की आर्थिक संरचना संतुलित, योजनाबद्ध और दीर्घकालिक परिणाम देने वाली है।
जीएसडीपी में 11.14 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि
वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए मध्यप्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद प्रचलित मूल्यों पर ₹16,69,750 करोड़ आँका गया है, जो पिछले वर्ष के ₹15,02,428 करोड़ की तुलना में 11.14 प्रतिशत की वृद्धि का संकेत देता है। स्थिर (2011-12) मूल्यों पर यह वृद्धि 8.04 प्रतिशत दर्ज की गई। लगातार बढ़ता उत्पादन, सुदृढ़ निवेश वातावरण और अनुकूल नीतियों ने राज्य की वास्तविक वृद्धि क्षमता को मजबूत किया है।
प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि
वर्ष 2011–12 से 2025–26 के बीच मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति शुद्ध आय में उल्लेखनीय उछाल हुआ है। प्रचलित मूल्यों पर यह राशि ₹38,497 से बढ़कर ₹1,69,050 हो गई है, जबकि स्थिर मूल्यों पर यह ₹76,971 तक पहुँची है। यह आय वृद्धि दर्शाती है कि विकास केवल आंकड़ों में नहीं बल्कि वास्तविक जीवन स्तर में भी प्रतिबिंबित हुआ है।
जीएसवीए की संतुलित क्षेत्रीय संरचना
ग्रामीण अर्थव्यवस्था, उद्योग और सेवाओं—तीनों क्षेत्रों में सुधार और विस्तार देखने को मिला है। प्रचलित मूल्यों पर प्राथमिक क्षेत्र ने 43.09 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र ने 19.79 प्रतिशत और तृतीयक क्षेत्र ने 37.12 प्रतिशत योगदान दिया। स्थिर मूल्यों पर तृतीयक क्षेत्र 40.28 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे गतिशील रहा। फसल उत्पादन, पशुधन, निर्माण और सेवाओं के उच्च प्रदर्शन ने जीएसवीए को स्थिर मजबूती प्रदान की।
प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रों का विस्तृत प्रदर्शन
प्राथमिक क्षेत्र में फसल उत्पादन 30.17 प्रतिशत योगदान के साथ सबसे मजबूत रहा, जिसके बाद पशुधन, वानिकी और मत्स्यपालन का योगदान रहा। द्वितीयक क्षेत्र में निर्माण और विनिर्माण ने विकास को गति दी, जबकि तृतीयक क्षेत्र में व्यापार, होटल, रेस्टोरेंट, वित्तीय सेवाएँ, परिवहन और लोक प्रशासन ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। सेवाक्षेत्र में 15.80 प्रतिशत की प्रचलित वृद्धि और 12.07 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि भर्ती, निवेश और आय सृजन में सुधार का स्पष्ट संकेत है।
वित्त, कृषि, उद्योग और स्वास्थ्य में बड़ी उपलब्धियाँ
राजकोषीय प्रबंधन के क्षेत्र में राज्य ने ₹2,618 करोड़ के राजस्व आधिक्य का अनुमान जारी किया है। कृषि में फसल उत्पादन और खाद्यान्न में क्रमशः 7.66 और 14.68 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। औद्योगिक विकास में 1,028 इकाइयों को भूमि आवंटन, प्रस्तावित ₹1.17 लाख करोड़ निवेश और 1.7 लाख संभावित रोजगार अवसर राज्य को नए औद्योगिक युग में ले जा रहे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में मातृ मृत्यु दर में महत्वपूर्ण कमी और 4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड वितरण राज्य की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाता है।
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