मध्यप्रदेश में सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को अब निजी या सरकारी अस्पतालों में डेढ़ लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इस योजना की तैयारी पूरी कर ली है। पहले चरण में उन अस्पतालों में यह सुविधा मिलेगी जो आयुष्मान योजना से अनुबंधित हैं। इसके बाद हाईवे के आसपास स्थित अन्य अस्पतालों को भी योजना से जोड़ने की पहल की जाएगी। प्रदेश में आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों की संख्या करीब 1500 है।
पीएम राहत योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को डेढ़ लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार देने को मंजूरी दी है। योजना के तहत अस्पताल सात दिन तक निर्धारित सीमा के भीतर इलाज प्रदान करेंगे। मध्यप्रदेश में इस योजना के संचालन की जिम्मेदारी आयुष्मान भारत योजना लागू करने वाली स्टेट हेल्थ एजेंसी को सौंपी गई है।
हाईवे किनारे अस्पतालों को भी जोड़ा जाएगा
योजना के सीईओ के अनुसार, जिन क्षेत्रों में दुर्घटनाएं अधिक होती हैं या जो अस्पताल हाईवे के पास स्थित हैं, उन्हें भी अनुबंधित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
112 पर कॉल से तुरंत मिलेगी मदद
प्रदेश में हर साल सड़क हादसों में 14 हजार से अधिक लोगों की मौत हो रही है और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए 112 पर कॉल कर सकेगा। इसके बाद नजदीकी अनुबंधित अस्पताल की एंबुलेंस मौके पर पहुंचेगी। पीड़ित आयुष्मान कार्डधारक हो या नहीं, उसे डेढ़ लाख रुपये तक का मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
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