नई दिल्ली। ऑल इंडिया आयुष पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट (AIAPGET) 2026 के दौरान जयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर हुई गंभीर अव्यवस्था के मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कड़ा कदम उठाया है। NTA ने परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी M/s Eduquity Career Technologies Pvt. Ltd. को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
इसके साथ ही नोटिस का संतोषजनक समाधान होने तक Eduquity का NTA के साथ पैनल तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जयपुर के श्री सत्य साईं पीजी कॉलेज केंद्र पर बिजली गुल होने के कारण 49 अभ्यर्थी अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर पाए थे।
बिजली गुल होने से 49 अभ्यर्थियों की परीक्षा प्रभावित
मामला जयपुर के श्री सत्य साईं पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र का है, जहां AIAPGET 2026 के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने से कंप्यूटर सिस्टम प्रभावित हो गए थे।इस तकनीकी समस्या के चलते 49 अभ्यर्थी अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर सके। परीक्षा की व्यवस्था को लेकर अभ्यर्थियों ने केंद्र पर नाराजगी जताई थी और बाद में परीक्षा को दोबारा आयोजित करने की मांग भी उठी थी।
Eduquity को कारण बताओ नोटिस
NTA ने मामले में परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही Eduquity Career Technologies को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एजेंसी से परीक्षा केंद्र पर हुई अव्यवस्था को लेकर जवाब मांगा गया है।
जांच पूरी होने तक एजेंसी का पैनल निलंबित
कारण बताओ नोटिस के साथ ही NTA ने Eduquity का अपने साथ पैनल तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। यह निलंबन तब तक प्रभावी रहेगा, जब तक एजेंसी की ओर से नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलता और मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती।
49 अभ्यर्थियों के लिए 1 सितंबर को दोबारा परीक्षा
जयपुर केंद्र पर परीक्षा पूरी नहीं कर पाने वाले 49 अभ्यर्थियों के लिए NTA पहले ही री-एग्जाम का ऐलान कर चुका है। इन अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा 1 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी।री-एग्जाम के लिए परीक्षा केंद्र राजस्थान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर विमेन, जयपुर निर्धारित किया गया है। प्रभावित अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा के लिए जरूरी जानकारी और एडमिट कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा।
भविष्य की परीक्षाओं में व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
NTA का कहना है कि प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी व्यवस्था, बिजली आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं की पर्याप्तता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।इस कार्रवाई का उद्देश्य भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के दौरान इस तरह की अव्यवस्था की पुनरावृत्ति को रोकना है।