कन्नड़ फिल्म अभिनेत्री रान्या राव का नाम प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट में शामिल होने के बाद सोने की तस्करी का एक बड़ा रैकेट सुर्खियों में आ गया है। एजेंसी के अनुसार यह गिरोह एक वर्ष में भारत में अवैध रूप से भारी मात्रा में सोना लाने में सफल हुआ और घरेलू बाजार में उसकी सप्लाई कर करोड़ों रुपये बनाए। यह खुलासा न केवल फिल्म इंडस्ट्री बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी बड़े सवाल खड़े करता है।
तस्करी का जाल और करोड़ों का अवैध कारोबार
ईडी की चार्जशीट बताती है कि यह नेटवर्क एक संगठित और पेशेवर तरीके से संचालित होता था। गिरोह ने लगभग 127 किलोग्राम सोना एक वर्ष के भीतर भारत में तस्करी किया। यह सोना विदेशी बाजार से लाकर हैंडलर्स, ज्वैलर्स और सप्लायर्स के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में बेच दिया जाता था। इस कारोबार की कीमत लगभग 102 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो इस रैकेट की गहराई और प्रभाव को दर्शाती है।
चार्जशीट में नाम और जोड़ते हुए तार
इस नेटवर्क में कई लोग शामिल थे और इनके नाम ईडी द्वारा दाखिल की गई प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट में सामने आए हैं। रान्या राव के साथ उनके कथित सहयोगी तरुण कोंडुरु भी इसी मामले में संदिग्ध पाए गए। इसके अलावा बेल्लारी के सोने के कारोबारी साहिल सकारिया जैन का भी नाम इस केस में दर्ज है। पूरी चार्जशीट बेंगलुरु स्थित विशेष पीएमएलए कोर्ट में दाखिल की गई है, जिससे इस प्रकरण की गंभीरता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
कैसे पकड़ी गईं रान्या राव
मामला तब सामने आया जब रान्या राव को पिछले वर्ष केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर सोने की तस्करी के दौरान पकड़ लिया गया। वे कुल 14.2 किलोग्राम सोना लेकर यात्रा कर रही थीं। कुछ सोना वे पहनकर चली रही थीं जबकि शेष कपड़ों में छिपाया गया था। अधिकारियों को तब संदेह हुआ जब मात्र 15 दिनों के भीतर उनकी यह चौथी दुबई यात्रा पाई गई। गिरफ्तारी उस समय हुई जब वे एग्ज़िट गेट से कुछ ही फीट की दूरी पर थीं। यह गिरफ्तारी इस पूरे स्मगलिंग रैकेट का पहला बड़ा खुलासा साबित हुई।
छापे में मिली करोड़ों की नकदी और गहने
गिरफ्तारी के बाद ईडी ने रान्या राव के आवास पर तलाशी अभियान चलाया। यहां से 2.06 करोड़ रुपये के सोने के गहने और 2.67 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। जांच में यह सामने आया कि रान्या इस नेटवर्क का एक सक्रिय हिस्सा थीं और नियमित रूप से विदेश से सोना लाने के बदले कमीशन लेती थीं। यह जांच बताती है कि रान्या की भूमिका केवल कैरियर की नहीं, बल्कि नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी की थी।
कितना मिलता था कमीशन?
ईडी के अनुसार रान्या राव को प्रति किलोग्राम सोना तस्करी करने पर 4 से 5 लाख रुपये तक का कमीशन मिलता था। इस तरह कुछ ही यात्राओं में वे कई लाख रुपये कमा लेती थीं। दुबई और बेंगलुरु के बीच यह तस्करी रूट लंबे समय से सक्रिय रहा है और रान्या की लगातार यात्राओं ने इस पूरे नेटवर्क को उजागर कर दिया।
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