मुंबई - नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ अपने विशाल बजट और भव्य पैमाने को लेकर लंबे समय से चर्चा में है। करीब ₹4,000 करोड़ के कथित बजट ने फिल्म इंडस्ट्री से लेकर दर्शकों तक हर किसी का ध्यान खींचा है। अब फिल्म के अभिनेता और को-प्रोड्यूसर यश ने इस रकम को लेकर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट की है।
₹4,000 करोड़ सिर्फ एक फिल्म का बजट नहीं
यश ने बताया कि ₹4,000 करोड़ का आंकड़ा केवल ‘रामायण’ के पहले भाग की शूटिंग या निर्माण लागत नहीं है। यह रकम दोनों भागों के प्रोडक्शन, तकनीकी काम, विजुअल इफेक्ट्स और दुनियाभर में फिल्म की रिलीज से जुड़े खर्चों को मिलाकर बताई गई है। यानी ₹4,000 करोड़ को एक ही फिल्म के बजट के तौर पर देखना सही नहीं होगा। यह पूरे दो-भाग वाले प्रोजेक्ट के व्यापक खर्च का अनुमान है।
पहले सामने आया था 500 मिलियन डॉलर का आंकड़ा
फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा पहले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का बजट करीब 500 मिलियन डॉलर बता चुके हैं। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग ₹4,000 करोड़ के आसपास बैठती है। इसके बाद फिल्म के बजट को लेकर बॉलीवुड में खूब चर्चा हुई और यह सवाल भी उठने लगा कि इतना बड़ा निवेश बॉक्स ऑफिस से कैसे वापस आएगा।
दो भागों में बनाई जा रही है ‘रामायण’
फिल्म को दो हिस्सों में तैयार किया जा रहा है। इसका आधार भारतीय महाकाव्य रामायण है और निर्माताओं की योजना इसे बड़े वैश्विक स्तर पर पेश करने की है। यश के मुताबिक, इतने बड़े प्रोजेक्ट में सिर्फ कलाकारों की फीस और शूटिंग ही खर्च का हिस्सा नहीं होती। इसके अलावा बड़े सेट, विजुअल इफेक्ट्स, पोस्ट-प्रोडक्शन, तकनीकी टीम, कलाकारों की तैयारी और अन्य निर्माण कार्यों पर भी भारी निवेश होता है।
ग्लोबल रिलीज के लिए भी बड़ा खर्च
‘रामायण’ को भारतीय बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी है। ऐसे में फिल्म की मार्केटिंग, प्रमोशन, डिस्ट्रीब्यूशन और ग्लोबल रिलीज पर भी पर्याप्त खर्च किया जा रहा है। यश ने इसी व्यापक दृष्टिकोण की ओर इशारा करते हुए बताया कि ₹4,000 करोड़ का आंकड़ा केवल पर्दे पर दिखाई देने वाली फिल्म बनाने की लागत नहीं है, बल्कि पूरे प्रोजेक्ट को विश्व स्तर पर पहुंचाने की योजना से भी जुड़ा है।
यश के लिए भी खास है यह प्रोजेक्ट
यश फिल्म में अहम भूमिका निभाने के साथ इसके को-प्रोडक्शन से भी जुड़े हैं। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए फिल्म की अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ाने में भी उनका नाम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिल्म में बड़े कलाकारों और तकनीकी विशेषज्ञों को जोड़ा गया है।
क्या ₹4,000 करोड़ की भरपाई संभव होगी?
इतने बड़े निवेश ने फिल्म की कमाई को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, यश के स्पष्टीकरण के बाद यह समझना जरूरी है कि इस रकम को सिर्फ एक फिल्म की लागत मानकर बॉक्स ऑफिस गणित लगाना उचित नहीं होगा। दो फिल्मों के निर्माण और उनकी वैश्विक रिलीज को मिलाकर यह एक लंबी अवधि वाला प्रोजेक्ट है।
भारतीय सिनेमा के लिए बड़ा प्रयोग
‘रामायण’ को भारतीय सिनेमा के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। निर्माताओं का लक्ष्य भारतीय पौराणिक कथा को आधुनिक तकनीक और बड़े विजुअल स्केल के साथ दुनिया के दर्शकों तक पहुंचाना है। कुल मिलाकर, यश की बातों से यह स्पष्ट होता है कि ₹4,000 करोड़ का आंकड़ा केवल ‘रामायण’ के पहले पार्ट का बजट नहीं है। इसमें दोनों हिस्सों के निर्माण के साथ ग्लोबल रिलीज और प्रमोशन से जुड़े खर्च भी शामिल हैं। यही वजह है कि इस फिल्म को भारतीय सिनेमा की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय परियोजना के तौर पर देखा जा रहा है।