मुंबई - बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान एक बार फिर केदारनाथ मंदिर में दर्शन करने को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उनकी धार्मिक यात्रा पर विवाद खड़ा हो गया है। उत्तर प्रदेश के इस्लामिक धर्मगुरु मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सारा के मंदिर जाने और वहां पूजा-अर्चना करने पर आपत्ति जताते हुए उनके खिलाफ फतवा जारी किया है। मौलाना ने इसे शरीयत के खिलाफ बताते हुए अभिनेत्री को तौबा करने और अल्लाह से माफी मांगने की सलाह दी है।
25 अक्टूबर को केदारनाथ पहुंची थीं सारा
अभिनेत्री अमृता सिंह और सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान पिछले कई वर्षों से केदारनाथ धाम जाती रही हैं। वह कई मौकों पर भगवान शिव और इस मंदिर के प्रति अपनी आस्था भी जाहिर कर चुकी हैं।
हाल ही में 25 अक्टूबर को सारा एक बार फिर बाबा केदार के दर्शन करने पहुंचीं। उनकी यात्रा की कुछ तस्वीरें और वीडियो सामने आए, जिनमें वह कड़ाके की ठंड के बीच मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की कतार में खड़ी होकर अपनी बारी का इंतजार करती नजर आईं। दर्शन के बाद उनकी हाथ जोड़कर खड़े होने की तस्वीरें भी चर्चा में रहीं।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने जारी किया फतवा
सारा की केदारनाथ यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने एक वीडियो बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि इस्लाम और शरीयत के अनुसार किसी मुस्लिम व्यक्ति का दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल पर जाकर पूजा-पाठ करना जायज नहीं है। मौलाना ने सारा के मंदिर में पूजा करने को शरीयत की नजर में गलत बताते हुए उन्हें गुनहगार कहा। साथ ही उन्होंने अभिनेत्री से अपने इस कदम के लिए तौबा करने और अल्लाह की बारगाह में माफी मांगने की बात कही।
सारा की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार
मौलाना के बयान के बाद सारा अली खान की केदारनाथ यात्रा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इस मामले पर अभिनेत्री की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सारा इससे पहले भी केदारनाथ धाम के प्रति अपनी आस्था को लेकर चर्चा में रही हैं। उनकी हालिया यात्रा के बाद उठा यह विवाद अब धार्मिक मान्यताओं और व्यक्तिगत आस्था को लेकर नई बहस का विषय बन गया है। फतवा किसी धार्मिक विद्वान की धार्मिक-कानूनी राय या व्याख्या होता है। इसे अपने आप में किसी अदालत का कानूनी आदेश या सरकारी प्रतिबंध नहीं माना जाना चाहिए।