प्रसिद्ध हृदय एवं वक्ष शल्य चिकित्सक डॉ. जेरेमी लंदन के अनुसार कई पुरुष कम ऊर्जा, नींद की समस्या, खर्राटे या यौन स्वास्थ्य में बदलाव को उम्र का सामान्य प्रभाव मान लेते हैं। जबकि ये संकेत शरीर के भीतर चल रही गंभीर समस्याओं की ओर इशारा कर सकते हैं। उनका कहना है कि इन लक्षणों को समय रहते पहचानना और जीवनशैली में सुधार करना भविष्य के बड़े स्वास्थ्य जोखिमों को कम कर सकता है।
कम टेस्टोस्टेरोन को हल्के में न लें
डॉ. लंदन के मुताबिक पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन स्तर का कम होना सबसे अधिक नजरअंदाज किए जाने वाले संकेतों में से एक है। बहुत से लोग इसे केवल उम्र बढ़ने का परिणाम मान लेते हैं, जबकि इसके पीछे पेट की बढ़ती चर्बी, खराब नींद और शारीरिक गतिविधियों की कमी जैसे कारण हो सकते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दवाइयों की ओर बढ़ने से पहले जीवनशैली में सुधार पर ध्यान देना चाहिए। नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार कई मामलों में हार्मोन संतुलन को बेहतर बना सकते हैं।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है हृदय रोग का संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार इरेक्टाइल डिसफंक्शन केवल यौन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या नहीं है। कई बार यह रक्त वाहिकाओं में होने वाली शुरुआती क्षति का संकेत होता है। क्योंकि लिंग तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियां आकार में छोटी होती हैं, इसलिए उनमें रुकावट के लक्षण हृदय की धमनियों से पहले दिखाई दे सकते हैं। यही कारण है कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन को कई चिकित्सक भविष्य में होने वाले हृदय रोगों का प्रारंभिक संकेत मानते हैं।
लगातार खर्राटे और खराब नींद भी चेतावनी
तेज खर्राटे लेना और रात में बार-बार नींद टूटना केवल नींद की समस्या नहीं हो सकती। यह स्लीप एपनिया जैसी स्थिति का संकेत हो सकता है, जिसमें सोते समय सांस बार-बार रुकती है। इससे रक्तचाप बढ़ सकता है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। लंबे समय तक यह समस्या बनी रहने पर हृदय रोग, स्ट्रोक और अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।
कम ऊर्जा और थकान को नजरअंदाज करना खतरनाक
यदि पर्याप्त आराम के बाद भी लगातार थकान महसूस हो रही है या पहले की तुलना में ऊर्जा स्तर काफी कम हो गया है, तो इसे केवल व्यस्त दिनचर्या का परिणाम मानकर छोड़ना उचित नहीं है। यह हृदय, हार्मोन या मेटाबॉलिक स्वास्थ्य से जुड़ी किसी समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
पुरुषों में जल्दी शुरू हो सकता है हृदय रोग का खतरा
डॉ. लंदन बताते हैं कि महिलाओं को रजोनिवृत्ति तक एस्ट्रोजन के कारण हृदय संबंधी कुछ सुरक्षा मिलती है, जबकि पुरुषों में हृदय रोग का खतरा अपेक्षाकृत कम उम्र में ही बढ़ने लगता है। यही वजह है कि तीस और चालीस वर्ष की उम्र पुरुषों के लिए हृदय स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने का महत्वपूर्ण समय माना जाता है। यदि इस चरण में चेतावनी संकेतों को पहचान लिया जाए तो भविष्य के गंभीर जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
समय रहते जांच और सुधार है सबसे बेहतर उपाय
विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण, पर्याप्त नींद और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाना हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को नजरअंदाज करने के बजाय उन्हें गंभीरता से लेना बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में पहला कदम हो सकता है।