महिलाएं अक्सर घर, परिवार और करियर की जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत को सबसे आखिर में रखती हैं। यही वजह है कि जोड़ों का लगातार दर्द या अकड़न जैसी समस्याओं को वे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह लापरवाही गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकती है। ऑर्थोपेडिक सर्जन और रीजनरेटिव मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. शर्मिला तुळपुले के अनुसार, महिलाओं में जोड़ों का दर्द सिर्फ ऑस्टियोआर्थराइटिस ही नहीं, बल्कि ऑटोइम्यून बीमारियां, हार्मोनल बदलाव, संक्रमण और पोषण की कमी जैसी कई गंभीर वजहों से भी हो सकता है।
सुबह एक घंटे से ज्यादा रहे जोड़ों में अकड़न
अगर सुबह उठने के बाद एक घंटे से अधिक समय तक जोड़ों में अकड़न और दर्द बना रहता है, तो यह रूमेटाइड आर्थराइटिस (RA) जैसी सूजन वाली बीमारी का संकेत हो सकता है। समय रहते जांच और इलाज कराने से जोड़ों को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है।
सूजन, लालिमा और गर्माहट को न करें नजरअंदाज
यदि किसी जोड़ में सूजन, लालपन या छूने पर गर्माहट महसूस हो रही है, तो यह संक्रमण, ऑटोइम्यून बीमारी या गंभीर सूजन का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में केवल दर्द की दवा लेकर काम चलाना सही नहीं है।
कई जोड़ों में एक साथ दर्द होना खतरे की घंटी
उम्र बढ़ने के साथ होने वाला आर्थराइटिस आमतौर पर घुटनों और कूल्हों जैसे बड़े जोड़ों को प्रभावित करता है। लेकिन यदि हाथ, कलाई, टखने और पैरों सहित कई छोटे जोड़ों में एक साथ दर्द हो रहा है, तो यह ल्यूपस, रूमेटाइड आर्थराइटिस या थायरॉयड संबंधी बीमारी का संकेत हो सकता है।
लगातार थकान के साथ हो रहा है दर्द?
अगर पर्याप्त आराम के बावजूद हमेशा थकान महसूस होती है और साथ ही जोड़ों में दर्द भी बना रहता है, तो इसे केवल तनाव समझकर नजरअंदाज न करें। यह ऑटोइम्यून बीमारी, लंबे समय से चल रही सूजन या विटामिन की कमी का संकेत हो सकता है।
बुखार या संक्रमण के बाद बढ़ जाए जोड़ों का दर्द
वायरल या अन्य संक्रमण के बाद यदि जोड़ों में दर्द शुरू हो जाए, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। कुछ संक्रमण जोड़ों में सूजन पैदा कर लंबे समय तक चलने वाली बीमारी का कारण बन सकते हैं।
बिना वजह वजन घटना या भूख कम लगना
यदि जोड़ों के दर्द के साथ अचानक वजन कम होने लगे या भूख कम हो जाए, तो यह किसी गंभीर प्रणालीगत बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
रोजमर्रा के काम करने में होने लगे परेशानी
अगर जोड़ों के दर्द के कारण चलने-फिरने, सीढ़ियां चढ़ने, कपड़े पहनने या अन्य दैनिक काम करने में कठिनाई हो रही है, तो यह बीमारी के बढ़ने का संकेत है। समय पर इलाज से स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह: दर्द को सामान्य समझने की भूल न करें
विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाएं अक्सर परिवार की सेहत को अपनी सेहत से ज्यादा प्राथमिकता देती हैं। लेकिन लंबे समय तक रहने वाला या असामान्य जोड़ों का दर्द उम्र बढ़ने का सामान्य हिस्सा मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और सही इलाज से गंभीर बीमारियों का पता लगाया जा सकता है, जोड़ों की कार्यक्षमता बनी रहती है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती हैI