एआई इंपैक्ट समिट 2026 से जुड़े ताज़ा घटनाक्रम में तकनीक जगत की चर्चित हस्ती और माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक Bill Gates का नाम अब आमंत्रित प्रतिभागियों की सूची से हट चुका है। एपस्टीन फाइल्स में उनके संदर्भ सामने आने के बाद सरकार ने उनके निमंत्रण की औपचारिक समीक्षा की और स्पष्ट किया कि वह कथित यौन शोषण के पीड़ितों के साथ खड़ी है। इसी के साथ समिट की आधिकारिक वेबसाइट से भी गेट्स का नाम हटाया जा चुका है, जिससे उनके शामिल होने की संभावना लगभग समाप्त मानी जा रही है।
एपस्टीन फाइल्स के नाम सामने आते ही बढ़ा दबाव
अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक की गई एपस्टीन फाइल्स ने वैश्विक स्तर पर तहलका मचा दिया है। इन फाइलों में अनेक उच्च-प्रोफ़ाइल नाम शामिल बताए गए हैं, जिनमें राजनीतिक जगत से जुड़े दिग्गजों के साथ मनोरंजन और टेक उद्योग की प्रमुख हस्तियाँ भी हैं। इसी संदर्भ में गेट्स का नाम फिर सुर्खियों में आया, जिससे सरकार और आयोजकों पर सार्वजनिक दबाव बढ़ गया।
रिपोर्ट में सरकारी रुख का खुलासा
भारतीय संदर्भ में यह मामला तब चर्चा का विषय बना जब सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया कि सरकार गेट्स के निमंत्रण की समीक्षा कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार सरकार ने स्पष्ट किया कि वह एपस्टीन के चंगुल से बचकर निकले पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखाना चाहती है, इसलिए किसी विवादित व्यक्ति को मंच उपलब्ध कराने से पहले परिस्थितियों का सावधानीपूर्वक आकलन आवश्यक है।
एपस्टीन फाइल्स में शामिल हाई-प्रोफाइल नाम
एपस्टीन फाइल्स में दुनिया भर की कई प्रभावशाली हस्तियाँ चिन्हित की गई हैं। इनमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump, पूर्व राष्ट्रपति Bill Clinton, दिवंगत पॉप आइकन Michael Jackson सहित अन्य प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं। इन खुलासों ने न केवल अमेरिकी राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य को झकझोरा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी बहस छेड़ दी है कि शक्ति और प्रभाव के केंद्रों में ऐसे आरोपों को कैसे निपटाया जाता है।
जेफरी एपस्टीन के आरोप और विवादों की जड़
एपस्टीन, जो स्वयं एक बदनाम फाइनेंसर और नाबालिगों के यौन शोषण का दोषी था, ने बीते वर्षों में कई हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। उसकी फाइलों में यह दावा भी सामने आया कि उसने गेट्स के कुछ निजी संबंधों और गतिविधियों में भूमिका निभाई थी, जिनमें कथित एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स से लेकर अवैध गतिविधियों में ‘सहायता’ जैसी बातें शामिल बताई गई थीं। एपस्टीन की अगस्त 2019 में जेल में हुई मौत ने भी कई विवादों और संदेहों को जन्म दिया, जिससे उसका नाम आज तक अंतरराष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
सरकार और आयोजकों की संवेदनशीलता
एआई इंपैक्ट समिट 2026 जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक तकनीकी बैठक में किसी भी विवादित छवि की उपस्थिति आयोजकों की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा सकती है। यही कारण है कि सरकार ने त्वरित रूप से कार्रवाई करते हुए स्पष्ट किया कि वह पीड़ितों के साथ खड़ी रहेगी और संवेदनशील मामलों से जुड़े किसी भी व्यक्ति की भागीदारी पर पुनर्विचार आवश्यक है। इस निर्णय ने न केवल आयोजन की नैतिकता को मजबूती दी है, बल्कि वैश्विक मंचों पर जवाबदेही की चर्चा को भी नया आयाम दिया है।
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