ब्रिटेन के ऐतिहासिक शहर कैम्ब्रिज में इस्कॉन (ISKCON Cambridge) द्वारा आयोजित भगवान श्रीजगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक विविधता का भव्य उदाहरण बनकर सामने आई। रंग-बिरंगे ध्वजों और आकर्षक सजावट से सुसज्जित रथ पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई।
'हरे कृष्ण' महामंत्र से गूंज उठा पूरा शहर
रथयात्रा के दौरान "हरे कृष्ण, हरे राम" महामंत्र के जयघोष, मृदंग और करताल की मधुर धुनों ने पूरे कैम्ब्रिज को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। भक्तों ने संकीर्तन और नृत्य के माध्यम से भगवान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की, जबकि बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और पर्यटक भी इस आध्यात्मिक उत्सव का हिस्सा बने।
रथ की रस्सी खींचने उमड़े श्रद्धालु
इस भव्य आयोजन में विभिन्न देशों और संस्कृतियों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर स्वयं को सौभाग्यशाली माना। विदेशी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के प्रति बढ़ते वैश्विक आकर्षण को भी दर्शाया।
महाप्रसाद ने दिया एकता और भाईचारे का संदेश
शोभायात्रा के समापन के बाद सभी श्रद्धालुओं और आगंतुकों के बीच महाप्रसाद वितरित किया गया। इस आयोजन ने जाति, भाषा और देश की सीमाओं से ऊपर उठकर प्रेम, सेवा और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।
भारतीय संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास
इस्कॉन कैम्ब्रिज पूरे वर्ष गीता प्रवचन, भक्ति कार्यक्रम और विभिन्न धार्मिक उत्सवों का आयोजन करता है। रथयात्रा इन आयोजनों का सबसे लोकप्रिय उत्सव माना जाता है, जो विदेश में भारतीय परंपरा और वैष्णव संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।