दुनिया के अंतरिक्ष क्षेत्र में आने वाले वर्षों में एक बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के अगले लगभग पाँच वर्षों में सेवा से हटने की संभावना के बीच निजी क्षेत्र द्वारा संचालित व्यावसायिक अंतरिक्ष स्टेशनों की स्थापना को लेकर वैश्विक स्तर पर तेजी से पहल हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले एक दशक में अंतरिक्ष गतिविधियों की दिशा और गति तय करने में इन निजी स्टेशनों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इससे वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ-साथ अंतरिक्ष आधारित व्यापारिक अवसरों के भी नए रास्ते खुल सकते हैं।
व्यावसायिक अंतरिक्ष स्टेशन बन सकते हैं बड़ा केंद्र
अमेरिका की एक प्रमुख निजी अंतरिक्ष एवं रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी एरिक स्टॉलमर का कहना है कि आने वाले समय में व्यावसायिक अंतरिक्ष स्टेशन अंतरिक्ष क्षेत्र का सबसे बड़ा आकर्षण बन सकते हैं। उनका मानना है कि मनुष्य को पुनः चंद्रमा तक पहुंचाने वाले आर्टेमिस कार्यक्रम को लेकर विश्व में उत्साह जरूर है, किंतु चंद्रमा पर स्थायी आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत अभी कुछ समय दूर है। निकट भविष्य में तकनीकी नवाचार और वास्तविक व्यावसायिक लाभ की संभावनाएं मुख्यतः अंतरिक्ष स्टेशनों से ही उत्पन्न होंगी।
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का गौरवशाली इतिहास
पृथ्वी की सतह से लगभग चार सौ किलोमीटर की ऊंचाई पर परिक्रमा कर रहा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन आधुनिक वैज्ञानिक सहयोग का अद्वितीय उदाहरण माना जाता है। वर्ष 1998 में स्थापित यह स्टेशन अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक संचालित प्रयोगशाला रहा है। पिछले पच्चीस वर्षों से यहां निरंतर अंतरिक्ष यात्रियों की उपस्थिति बनी हुई है और इस अवधि में लगभग तीन सौ अंतरिक्ष यात्री विभिन्न मिशनों के तहत यहां काम कर चुके हैं। मूल रूप से इसे केवल पंद्रह वर्षों के लिए तैयार किया गया था, किंतु इसके उत्तराधिकारी स्टेशन के तैयार न होने के कारण इसकी सेवा अवधि कई बार बढ़ाई गई।
वैज्ञानिक अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का मंच
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन ने पृथ्वी से दूर वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए एक अनोखा वातावरण प्रदान किया है। सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण की स्थिति में चिकित्सा, जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान और सामग्री विज्ञान से जुड़े अनेक प्रयोग यहां किए गए हैं। इस परियोजना की विशेषता यह भी रही है कि इसमें पच्चीस से अधिक देशों के अंतरिक्ष यात्रियों ने भाग लिया है। इस प्रकार यह स्टेशन अंतरिक्ष में वैश्विक सहयोग और साझा वैज्ञानिक प्रयासों का प्रतीक बन गया।
चीन का तियानगोंग और अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा
दूसरी ओर चीन ने वर्ष 2022 में अपना स्वतंत्र अंतरिक्ष स्टेशन तियानगोंग स्थापित किया है, जो वर्तमान में सक्रिय है। हालांकि इसकी संरचना और संचालन प्रणाली अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अलग है। अब तक इस स्टेशन का उपयोग मुख्य रूप से चीनी अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा ही किया गया है। इसके बावजूद यह एशिया की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं का महत्वपूर्ण प्रतीक बन चुका है और अंतरिक्ष क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा को एक नया आयाम दे रहा है।
निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के सेवानिवृत्त होने के बाद निजी कंपनियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। कई निजी कंपनियां पृथ्वी की निम्न कक्षा में नए व्यावसायिक अंतरिक्ष स्टेशन विकसित करने की योजना पर काम कर रही हैं। इन स्टेशनों का उपयोग वैज्ञानिक अनुसंधान, अंतरिक्ष पर्यटन, औद्योगिक प्रयोग और प्रौद्योगिकी विकास जैसे अनेक उद्देश्यों के लिए किया जा सकेगा। इस प्रकार आने वाले वर्षों में अंतरिक्ष केवल वैज्ञानिक खोज का क्षेत्र ही नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आयाम भी बन सकता है।
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