कांगो में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश में इबोला वायरस के पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 452 हो गई है, जबकि संक्रमण के कारण अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है।
71 नए मामले और 21 मौतें दर्ज
स्वास्थ्य अधिकारियों ने 4 जून को इतुरी और नॉर्थ किवु प्रांतों में 71 नए पुष्ट मामलों की जानकारी दी थी। इन नए मामलों में 21 लोगों की मौत हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति इबोला के बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के तेजी से फैलने और समुदाय स्तर पर संक्रमण बढ़ने का संकेत है।
सैकड़ों मरीज इलाज के दायरे में
रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में 258 मरीज आइसोलेशन केंद्रों या अस्पतालों में उपचाराधीन हैं, जबकि आठ मरीज संक्रमण से पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की प्रभावी निगरानी करना है।
कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में बड़ी कमी
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जिन 4,766 लोगों की निगरानी की जानी थी, उनमें से केवल 2,755 लोगों तक ही स्वास्थ्य टीमें पहुंच सकी हैं। यह कुल निगरानी का लगभग 57.8 प्रतिशत है, जिससे संक्रमण को नियंत्रित करने में कठिनाई बढ़ रही है।
कई चुनौतियों से जूझ रहा स्वास्थ्य तंत्र
अधिकारियों ने बताया कि संक्रमण नियंत्रण के प्रयास कई समस्याओं से प्रभावित हो रहे हैं। इनमें पोस्टमार्टम के दौरान सैंपल लेने का विरोध, इबोला उपचार सुविधाओं की कमी, कमजोर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग व्यवस्था, आवश्यक दवाओं की कमी, संक्रमण से बचाव के उपकरणों का अभाव और वित्तीय संसाधनों की कमी प्रमुख हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभावी नियंत्रण के लिए लगभग 21.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग की आवश्यकता है।
युगांडा में भी बढ़े इबोला के मामले
इबोला का खतरा अब पड़ोसी देशों तक भी पहुंच रहा है। Uganda के स्वास्थ्य मंत्रालय ने तीन नए मामलों की पुष्टि की है, जिससे देश में कुल संक्रमितों की संख्या 19 हो गई है।
WHO और Africa CDC ने शुरू की आपात तैयारी
World Health Organization और Africa Centres for Disease Control and Prevention ने पूरे अफ्रीका में इबोला प्रकोप से निपटने के लिए विशेष तैयारी शुरू कर दी है। जून से नवंबर के बीच अफ्रीकी देशों की सहायता के लिए 518 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाने की योजना बनाई गई है।
स्वास्थ्यकर्मी भी संक्रमण की चपेट में
इबोला प्रकोप के दौरान स्वास्थ्यकर्मी भी बड़ी संख्या में संक्रमित हो रहे हैं। अब तक 34 स्वास्थ्यकर्मी वायरस की चपेट में आ चुके हैं, जिनमें से सात की मौत हो गई है, जबकि छह लोग स्वस्थ हो चुके हैं।
गलत जानकारी और संसाधनों की कमी बनी चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार, कमजोर स्वास्थ्य ढांचा, चिकित्सा संसाधनों की कमी, लोगों की लगातार आवाजाही, असुरक्षा, विस्थापन और सोशल मीडिया पर फैल रही गलत जानकारी संक्रमण नियंत्रण के प्रयासों को प्रभावित कर रही है। WHO और Africa CDC ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो यह प्रकोप और अधिक क्षेत्रों में फैल सकता है।