ईरान और अमेरिका-इज़राइल के बीच जारी संघर्ष का आज तीसरा दिन है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के दो दिन बाद उनकी पत्नी मंसूरेह खोझस्तेह बघेरजादेह का भी निधन हो गया।
मंसूरेह दो दिन पहले अमेरिका और इज़राइल के हमले में घायल हुई थीं। इसी हमले में खामेनेई भी मारे गए थे। ईरान की सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि मंसूरेह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ब्रिटेन के प्रति नाराजगी जताई है। अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमला करने के लिए हिंद महासागर स्थित अपने बेस डिएगो गार्सिया का इस्तेमाल करना चाहा था। लेकिन ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने 48 घंटे बाद अनुमति दी और कहा कि अमेरिका इस बेस से केवल ईरान के मिसाइल ठिकानों को निशाना बना सकता है। ट्रम्प ने ब्रिटिश पीएम की इस देरी पर निराशा व्यक्त की।
ईरान ने सोमवार को मिडिल-ईस्ट के 4 देशों में 6 अमेरिकी बेस पर हमला किया। कुवैत में कई अमेरिकी फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गए, जो हवा में गोल-गोल घूमने के बाद जमीन से टकरा गए। हालांकि, इस हादसे में किसी की मौत नहीं हुई।
ईरान के शीर्ष नेशनल सिक्योरिटी अधिकारी अली लारीजानी ने कहा कि ईरान अमेरिका से कोई बातचीत नहीं करेगा। यह बयान उन खबरों के जवाब में आया जिसमें कहा गया था कि ईरान ने अमेरिका से फिर से बातचीत शुरू करने की कोशिश की थी।वहीं कुवैत ने गलती से 3 अमेरिकी फाइटर जेट्स को दुश्मन का विमान समझकर निशाना बनाया। हादसे में सभी अमेरिकी पायलट सुरक्षित हैं।
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