नई दिल्ली - नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि नेपाल भारत के साथ लंबित सीमा विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से करना चाहता है। उनका मानना है कि दोनों देशों के बीच खुले और सकारात्मक संवाद से किसी भी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।
बातचीत से निकलेगा समाधान
नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान शिशिर खनाल ने कहा कि यदि भारत और नेपाल खुले मन से चर्चा करें तो कोई भी मुद्दा इतना जटिल नहीं है कि उसका समाधान न हो सके। उन्होंने दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारत के साथ विकास आधारित संबंध चाहता है नेपाल
नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार भारत को 21वीं सदी की राजनीति या वैश्विक शक्ति संघर्ष के नजरिए से नहीं देखती। नेपाल की प्राथमिकता भारत के साथ ऐसे संबंध विकसित करना है, जिससे दोनों देशों की प्रगति हो और आम लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिले।
भारत दौरे में हुई महत्वपूर्ण चर्चा
तीन दिवसीय भारत यात्रा पर आए खनाल ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों, सीमा मामलों और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। खनाल का यह बयान ऐसे समय आया है जब नेपाल के प्रधानमंत्री बलेन शाह के हालिया सीमा संबंधी बयान को लेकर दोनों देशों में चर्चा जारी है। ऐसे माहौल में नेपाल की ओर से बातचीत के जरिए समाधान की इच्छा जताना द्विपक्षीय संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
भारत-नेपाल संबंधों को मजबूत करने पर जोर
नेपाल ने स्पष्ट किया है कि वह भारत के साथ सहयोग, विकास और आपसी विश्वास पर आधारित संबंधों को आगे बढ़ाना चाहता है। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए सीमा संबंधी मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है।