पश्चिम एशिया में मौजूदा हालात लगातार अस्थिर होते जा रहे हैं। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में अचानक आई तेजी और राजनीतिक अनिश्चितता ने आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी पृष्ठभूमि में कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए कड़ी ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
भारत समेत चार देशों की सख्त चेतावनी
भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा ने अपने नागरिकों को स्पष्ट रूप से सलाह दी है कि वे फिलहाल इजरायल की यात्रा न करें। इन देशों का कहना है कि क्षेत्रीय तनाव अचानक गंभीर रूप ले सकता है, जिससे यात्रियों और वहां रह रहे विदेशी नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
भारतीय दूतावास की अपील: सतर्कता ही सुरक्षा
तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास इजरायल में रह रहे भारतीय नागरिकों के लगातार संपर्क में है। दूतावास ने सोशल मीडिया और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से दिशा-निर्देश जारी करते हुए भारतीयों से अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा है। साथ ही, स्थानीय प्रशासन और इजरायली होम फ्रंट कमांड द्वारा जारी सभी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है।
आपात स्थिति के लिए जानकारी अपडेट रखने पर जोर
भारतीय दूतावास ने इजरायल में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे अपना विवरण दूतावास के डेटाबेस में अपडेट रखें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों तक तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके और संपर्क बनाए रखा जा सके।
आखिर क्यों बने हालात इतने संवेदनशील
क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इजरायल और उसके प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच हालिया सैन्य गतिविधियों ने तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। खुफिया रिपोर्ट्स में हवाई हमलों और रॉकेट हमलों की आशंका जताई गई है। लेबनान और गाजा से सटी सीमाओं पर बढ़ता सैन्य जमावड़ा आम नागरिकों के लिए खतरे को और बढ़ा रहा है।
यात्रियों के लिए क्या है संदेश
मौजूदा हालात को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल सावधानी बरतना ही सबसे बेहतर विकल्प है। गैर-जरूरी यात्रा टालना, आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखना और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना ही सुरक्षा सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी तरीका है।
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