कोलकाता डेस्क: त्योहारों के दौरान घर में मिठाइयों की भरमार होना आम बात है। परिवार और दोस्तों से मिलने वाली मिठाइयां कई बार इतनी ज्यादा हो जाती हैं कि उन्हें एक-दो दिन में खत्म करना मुश्किल होता है। ऐसे में मिठाइयों को सही तरीके से स्टोर करना बेहद जरूरी हो जाता है। गलत तरीके से रखी गई मिठाइयां जल्दी खराब हो सकती हैं और उनका स्वाद भी बदल सकता है। खासकर दूध, खोया और क्रीम से बनी मिठाइयों को ज्यादा सावधानी की जरूरत होती है। आइए जानते हैं कि त्योहारों के बाद बची मिठाइयों को किस तरह स्टोर किया जाए, ताकि वे ज्यादा समय तक खाने लायक बनी रहें।
दूध और खोये की मिठाइयों को फ्रिज में रखें
दूध, खोया और पनीर से बनी मिठाइयां जल्दी खराब होने वाली होती हैं। इसलिए ऐसी मिठाइयों को कमरे के तापमान पर ज्यादा देर तक खुला नहीं छोड़ना चाहिए। रसगुल्ला, संदेश, कलाकंद, रसमलाई और मिल्क केक जैसी मिठाइयों को एयरटाइट कंटेनर में रखकर फ्रिज में रखना बेहतर होता है। मिठाई को फ्रिज में रखने से पहले यह जरूर देख लें कि कंटेनर साफ और पूरी तरह सूखा हो। मिठाई को बार-बार बाहर निकालने और फिर फ्रिज में रखने से भी बचें। खाने से कुछ देर पहले जरूरत के मुताबिक ही मिठाई बाहर निकालें। अगर मिठाई में खट्टी गंध, स्वाद या असामान्य बदलाव नजर आए तो उसे खाने से बचें।
सूखी मिठाइयों को एयरटाइट डिब्बे में रखें
काजू कतली, बेसन के लड्डू, बूंदी के लड्डू और कुछ अन्य सूखी मिठाइयों को सही तरीके से रखने पर वे अपेक्षाकृत ज्यादा समय तक टिक सकती हैं। इन्हें नमी से बचाना सबसे जरूरी है। मिठाइयों को साफ और एयरटाइट कंटेनर में रखकर ठंडी और सूखी जगह पर रखा जा सकता है। अगर मौसम में ज्यादा गर्मी या नमी है तो इन्हें फ्रिज में रखना बेहतर विकल्प हो सकता है। डिब्बे को बार-बार खोलने से हवा और नमी अंदर जा सकती है, जिससे मिठाई का स्वाद और टेक्सचर प्रभावित हो सकता है। अलग-अलग तरह की मिठाइयों को एक ही डिब्बे में रखने से बचें। इससे एक मिठाई की खुशबू या नमी दूसरी मिठाई पर असर डाल सकती है।
चाशनी वाली मिठाइयों का रखें खास ध्यान
गुलाब जामुन, रसगुल्ला और जलेबी जैसी चाशनी वाली मिठाइयों को स्टोर करते समय अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है। इन्हें हमेशा साफ और ढक्कन वाले कंटेनर में रखना चाहिए। अगर मिठाई के साथ चाशनी दी गई है तो उसे पूरी तरह सूखने के लिए खुला न छोड़ें। चाशनी वाली मिठाइयों को फ्रिज में रखने से उनकी शेल्फ लाइफ बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, खाने से पहले उनकी गंध और बनावट जरूर जांच लें। चाशनी में असामान्य गंध, झाग या रंग में बदलाव दिखाई दे तो मिठाई खाने से बचना चाहिए। ऐसी मिठाइयों को लंबे समय तक सिर्फ इसलिए न रखें क्योंकि वे फ्रिज में रखी हुई हैं।
क्रीम और ड्राई फ्रूट वाली मिठाइयों को कैसे रखें?
क्रीम, मावा या ताजे दूध से बनी मिठाइयों को ज्यादा देर तक बाहर रखने से बचना चाहिए। क्रीम वाली मिठाइयों को हमेशा रेफ्रिजरेट करके रखना बेहतर होता है। ड्राई फ्रूट वाली मिठाइयों में भी अगर दूध या मावा का इस्तेमाल हुआ है तो उन्हें जल्दी खराब होने वाली मिठाइयों की तरह ही स्टोर करें। मिठाई को सीधे फ्रिज की तेज गंध वाली चीजों के पास रखने से बचें। एयरटाइट कंटेनर मिठाई को दूसरी चीजों की गंध और नमी से बचाने में मदद करता है। पैक्ड मिठाई है तो पैकेट पर लिखी स्टोरेज और एक्सपायरी जानकारी जरूर देखें। शक होने पर मिठाई को चखकर जांचने के बजाय उसे फेंक देना सुरक्षित विकल्प है।
मिठाई को बार-बार बाहर निकालने से बचें
त्योहारों के बाद अक्सर लोग मिठाई का डिब्बा बार-बार खोलकर थोड़ी-थोड़ी मिठाई निकालते हैं। इससे मिठाई बार-बार कमरे के तापमान के संपर्क में आती है। तापमान में लगातार बदलाव से खासकर दूध और खोये वाली मिठाइयों के खराब होने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए जितनी मिठाई एक बार में खानी हो, उतनी ही निकालना बेहतर है। बाकी मिठाई को तुरंत वापस सही तरीके से स्टोर कर दें। मिठाई निकालने के लिए हमेशा साफ और सूखे चम्मच या हाथों का इस्तेमाल करें। इससे मिठाई में नमी और बाहरी गंदगी जाने की संभावना कम होती है।
खराब होने के संकेतों को नजरअंदाज न करें
मिठाई कितने दिन तक सुरक्षित रहेगी, यह उसकी सामग्री, बनाने के तरीके और स्टोरेज पर निर्भर करता है। इसलिए सिर्फ तारीख देखकर मिठाई खाने का फैसला नहीं करना चाहिए। अगर मिठाई से अजीब या खट्टी गंध आने लगे तो उसे खाने से बचें। रंग, स्वाद या बनावट में असामान्य बदलाव भी मिठाई खराब होने का संकेत हो सकता है। सतह पर फफूंद दिखाई देने पर मिठाई को बिल्कुल न खाएं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और संवेदनशील लोगों को संदिग्ध या पुरानी मिठाई देने से बचना चाहिए। सही स्टोरेज के साथ-साथ मिठाई की स्थिति पर नजर रखना भी उतना ही जरूरी है।
मिठाई कम मात्रा में निकालें और ताजा ही खाएं
त्योहारों के बाद मिठाइयों को लंबे समय तक बचाकर रखने के बजाय कोशिश करें कि उन्हें उचित समय में ही खा लिया जाए। घर में मिठाई ज्यादा हो तो उसे परिवार के सदस्यों के बीच बांटना भी एक अच्छा तरीका हो सकता है। इससे मिठाई लंबे समय तक पड़े रहने से बच सकती है। अलग-अलग मिठाइयों की स्टोरेज जरूरत अलग होती है, इसलिए सभी को एक ही तरीके से स्टोर न करें। पैकेट वाली मिठाइयों पर निर्माता द्वारा दी गई जानकारी को प्राथमिकता दें। घर की बनी मिठाई में इस्तेमाल सामग्री और उसकी ताजगी का भी ध्यान रखें। सही तरीके से रखी गई मिठाई न सिर्फ स्वाद में बेहतर रहती है, बल्कि अनावश्यक फूड वेस्टेज से भी बचाया जा सकता है।