कोलकाता डेस्क: सर्दियों में पुदीने की ताजा पत्तियां चटनी, रायते, सलाद और कई तरह के स्नैक्स का स्वाद बढ़ा देती हैं। लेकिन बार-बार बाजार से पुदीना खरीदना कई बार परेशानी भरा हो सकता है। खास बात यह है कि घर पर सिर्फ एक ताजी पुदीने की डंठल से नया पौधा तैयार किया जा सकता है। इसके लिए न तो बीज खरीदने की जरूरत है और न ही नर्सरी से पौधा लाने की। सही मिट्टी, पानी, रोशनी और थोड़ी देखभाल से इसे गमले में आसानी से उगाया जा सकता है। आइए जानते हैं घर पर पुदीना उगाने का आसान तरीका।
एक डंठल से ऐसे तैयार करें पुदीने का पौधा
बाजार से पुदीना खरीदते समय 10 से 15 सेंटीमीटर लंबी हरी और ताजी डंठल चुनें। डंठल पर किसी तरह का दाग, सड़न या कीड़े नहीं होने चाहिए। इसके निचले हिस्से की कुछ पत्तियों को सावधानी से हटा दें। अब इस डंठल को एक साफ गिलास पानी में रखें और ध्यान दें कि पत्तियां पानी में न डूबें। गिलास को ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त रोशनी आती हो, लेकिन तेज सीधी धूप न पड़ती हो। पानी को समय-समय पर बदलते रहें, ताकि डंठल खराब न हो। करीब 7 से 10 दिनों में डंठल से छोटी सफेद जड़ें निकलनी शुरू हो सकती हैं। जब जड़ें अच्छी तरह विकसित हो जाएं, तो डंठल को गमले में लगाया जा सकता है।
पुदीने के लिए कैसा हो गमला और मिट्टी?
पुदीना तेजी से फैलने वाला पौधा है, इसलिए इसे पर्याप्त जगह वाले गमले में लगाना बेहतर रहता है। इसके लिए करीब 8 से 12 इंच गहरा गमला इस्तेमाल किया जा सकता है। गमले के नीचे पानी की निकासी के लिए छेद जरूर होना चाहिए। पानी जमा रहने से पुदीने की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है और पौधा खराब हो सकता है। मिट्टी तैयार करने के लिए करीब 40 प्रतिशत बगीचे की मिट्टी ली जा सकती है। इसमें 40 प्रतिशत सड़ी हुई गोबर की खाद या कंपोस्ट और 20 प्रतिशत कोकोपीट या रेत मिलाई जा सकती है। इस तरह तैयार मिट्टी में नमी बनी रहती है और अतिरिक्त पानी भी आसानी से बाहर निकल जाता है। गमले को बालकनी, खिड़की या छत पर ऐसी जगह रखा जा सकता है जहां पर्याप्त रोशनी मिले।
तेज धूप से बचाएं, सुबह की हल्की धूप जरूरी
पुदीने के पौधे को अच्छी ग्रोथ के लिए रोशनी की जरूरत होती है, लेकिन दिनभर तेज धूप इसके लिए ठीक नहीं मानी जाती। पौधे को रोजाना करीब 3 से 6 घंटे सुबह की हल्की धूप मिलना फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए गमले को ऐसी जगह रखा जा सकता है जहां सुबह की धूप आती हो।बहुत कम रोशनी मिलने पर पौधे की बढ़त प्रभावित हो सकती है। वहीं तेज धूप में लंबे समय तक रखने से पत्तियां मुरझाने की संभावना रहती है। अगर बालकनी में तेज धूप आती है तो गमले को थोड़ी छायादार जगह पर रखा जा सकता है। पौधे की पत्तियों और नई शाखाओं की स्थिति देखकर रोशनी की जरूरत को समझा जा सकता है। सही मात्रा में रोशनी मिलने पर पुदीना हरा-भरा और स्वस्थ रहने में मदद मिल सकती है।
मिट्टी सूखने पर ही दें पानी
पुदीने के पौधे के लिए मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखना जरूरी है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि गमले में लगातार पानी भरा रहे। जब गमले की ऊपरी मिट्टी सूखी महसूस हो, तभी पौधे को पानी देना चाहिए। जरूरत से ज्यादा पानी देने पर गमले में जलभराव हो सकता है। इससे पौधे की जड़ों के सड़ने का खतरा बढ़ सकता है। मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए गमले के ऊपर सूखी पत्तियों या घास की हल्की परत डाली जा सकती है। इससे मिट्टी जल्दी सूखने से बच सकती है और पौधे को नमी मिलती रहती है।पानी देते समय यह भी ध्यान रखें कि अतिरिक्त पानी गमले के नीचे बने छेद से बाहर निकल जाए। पौधे को घना और हरा-भरा रखने के लिए करें ये काम पुदीने के पौधे को घना और हरा-भरा रखने के लिए समय-समय पर इसकी ऊपरी टहनियों की हल्की कटाई की जा सकती है टहनियों की कटाई से पौधे में नई शाखाएं निकलने में मदद मिल सकती है। अगर पौधे में फूल आने लगें तो उन्हें हटाया जा सकता है, ताकि पौधे की ऊर्जा पत्तियों और नई शाखाओं के विकास में लगे। जब पौधा अच्छी तरह बढ़ जाए तो साफ कैंची से जरूरत के हिसाब से पत्तियां और टहनियां काटी जा सकती हैं। कटाई पत्तियों की गांठ के थोड़ा ऊपर से करने पर नई शाखाओं के निकलने में मदद मिल सकती है। एक साथ बहुत ज्यादा टहनियां काटने के बजाय जरूरत के अनुसार थोड़ी-थोड़ी कटाई करना बेहतर रहता है। नियमित देखभाल से पौधा ज्यादा घना दिखाई दे सकता है और नई पत्तियां निकलती रह सकती हैं। इस तरह एक ही गमले से समय-समय पर घर के इस्तेमाल के लिए ताजा पुदीना लिया जा सकता है।
चटनी से लेकर रायते तक, कई चीजों में आएगा काम
घर पर उगाया गया ताजा पुदीना रोजमर्रा के खाने में कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। पुदीने की ताजा पत्तियों से चटनी बनाकर खाने का स्वाद बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा रायते, सलाद और अलग-अलग स्नैक्स में भी इसकी पत्तियां इस्तेमाल होती हैं। कई लोग पुदीने का इस्तेमाल हर्बल चाय और दूसरे पेय पदार्थों में भी करते हैं। घर में पौधा होने से जरूरत के हिसाब से सीधे गमले से ताजी पत्तियां तोड़ी जा सकती हैं। इससे बार-बार बाजार से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पुदीना खरीदने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि, सर्दियों में पौधे की बढ़त तापमान और मिलने वाली धूप पर निर्भर कर सकती है। सही रोशनी, पानी और देखभाल मिलने पर पुदीने का पौधा लंबे समय तक हरा-भरा रखा जा सकता है।