भोपाल। राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पहले चरण में 10 इलेक्ट्रिक बसों का व्यावसायिक संचालन शुरू कर दिया गया है। इन बसों के जरिए यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त यात्रा का अनुभव मिलेगा। फिलहाल बसों का संचालन दो प्रमुख रूटों पर किया जा रहा है और आने वाले समय में इनकी संख्या के साथ-साथ रूट भी बढ़ाए जाएंगे।
इन रूटों पर शुरू हुआ संचालन
शुरुआती चरण में इलेक्ट्रिक बसें चिरायु हॉस्पिटल से बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन होते हुए बैरागढ़ चिचली तथा चिरायु हॉस्पिटल से बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन होते हुए रेलवे कोच फैक्ट्री तक संचालित की जा रही हैं। शहर के प्रमुख मार्गों को जोड़ने वाले इन रूटों पर यात्रियों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी।
फिलहाल नकद किराया, जल्द होगी डिजिटल पेमेंट की सुविधा
भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) के अनुसार फिलहाल यात्रियों से परिवहन विभाग द्वारा वर्ष 2022 में स्वीकृत किराया संरचना के अनुसार शुल्क लिया जाएगा। प्रति किलोमीटर लगभग 1.60 रुपये की दर से किराया निर्धारित किया गया है। विभिन्न स्टॉप के अनुसार यात्रियों को 7 रुपये से लेकर 50 रुपये तक का किराया देना होगा।
प्रारंभिक चरण में नकद भुगतान की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जबकि जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ETM) के माध्यम से कैशलेस टिकटिंग शुरू की जाएगी। यात्री क्यूआर कोड स्कैन कर यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों से भी किराया चुका सकेंगे।
पूरी तरह वातानुकूलित और हाईटेक हैं बसें
नई इलेक्ट्रिक बसों को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। सभी बसें पूर्ण रूप से एयर कंडीशंड हैं और इनमें डिजिटल सूचना प्रणाली उपलब्ध कराई गई है। यात्रियों को अगले बस स्टॉप की जानकारी एलईडी डिस्प्ले और ऑडियो अनाउंसमेंट के माध्यम से लगातार मिलती रहेगी।
GPS और पैनिक बटन से होगी रीयल-टाइम निगरानी
बसों में AIS-140 मानक वाले जीपीएस डिवाइस लगाए गए हैं, जिनकी मदद से कंट्रोल रूम से बसों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। सुरक्षा के लिए प्रत्येक बस में पैनिक बटन भी लगाया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
5 सीसीटीवी कैमरों से रहेगी हर गतिविधि पर नजर
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक बस में पांच हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें एक कैमरा आगे, एक पीछे और तीन कैमरे बस के अंदर अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए हैं। इन कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के कंट्रोल रूम से की जाएगी।बसों के दोनों प्रवेश द्वारों पर एआई आधारित पैसेंजर काउंटर सिस्टम भी लगाया गया है, जो बस में चढ़ने और उतरने वाले यात्रियों की संख्या का स्वतः रिकॉर्ड तैयार करेगा।
दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधा
नई इलेक्ट्रिक बसों में दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक बस में ऑटोमेटिक हाइड्रोलिक व्हीलचेयर लिफ्ट दी गई है, जिससे व्हीलचेयर पर बैठे यात्री आसानी से बस में चढ़ और उतर सकेंगे।
महिलाओं और यात्रियों की सुरक्षा के विशेष इंतजाम
बस की प्रत्येक खिड़की पर इमरजेंसी हैमर उपलब्ध कराया गया है, ताकि किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में शीशा तोड़कर बाहर निकला जा सके। वहीं हर सीट के पास पैनिक बटन और स्टॉप बटन लगाए गए हैं, जिनका उपयोग विशेष रूप से महिलाएं और अन्य यात्री जरूरत पड़ने पर कर सकेंगे।
मोबाइल ऐप से टिकट और पास की सुविधा
यात्रियों की सुविधा के लिए मोबाइल एप्लीकेशन भी उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से भविष्य में टिकट बुकिंग, डिजिटल पास और अन्य सेवाओं का लाभ लिया जा सकेगा। इससे सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में मदद मिलेगी।
शहर और आसपास के इलाकों तक होगा विस्तार
भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड ने इलेक्ट्रिक बसों के लिए कई नए रूट भी चिन्हित किए हैं। इनमें सूखी सेवनिया, मोजपुर, औद्योगिक क्षेत्र अचारपुरा, बिलकिसगंज, औबेदुल्लागंज, सीहोर, रातापानी, मंडीदीप, बिलखिरिया, कटारा बायपास और रेलवे कोच फैक्ट्री सहित शहर और आसपास के प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा।
इन रूटों पर चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा, जिससे भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले हजारों यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
स्वच्छ और स्मार्ट परिवहन की दिशा में बड़ा कदम
इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत को भोपाल के सार्वजनिक परिवहन तंत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे एक ओर प्रदूषण में कमी आएगी, वहीं दूसरी ओर यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। आने वाले समय में ई-बसों का नेटवर्क और विस्तारित होने से राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।