मध्यप्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि सागर में जहरीली शराब पीने से अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है।
कमलनाथ ने कहा कि जिन कथित शराब ब्रांड को पीने के बाद बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई, उनके संबंध में कुछ दिन पहले ही सवाल उठाए गए थे। उनके अनुसार, सरकार की जांच में इन ब्रांड को क्लीन चिट दी गई थी।
'शराब माफिया और सरकार के बीच गुप्त गठबंधन'
पूर्व सीएम कमलनाथ ने आरोप लगाया कि जहरीली शराब को क्लीन चिट दिया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे शराब माफिया और भाजपा सरकार के बीच कथित गठजोड़ से जोड़ते हुए प्रशासनिक लापरवाही का मामला बताया।कमलनाथ ने कहा कि यह केवल दुर्घटना नहीं है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण हुई मौतों का मामला है।
पहले भी जहरीली चीजों से मौतों का किया जिक्र
कमलनाथ ने अपने बयान में मध्यप्रदेश में पहले हुई कुछ घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत, इंदौर में जहरीले पानी से हुई मौतों और अब सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से यह सवाल उठता है कि प्रदेश में दवा से लेकर शराब तक लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
'बार-बार दोहराई जा रही हैं ऐसी घटनाएं'
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही तरह की घटनाओं का बार-बार सामने आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि नागरिकों की जान की पर्याप्त चिंता नहीं की जा रही है।कमलनाथ ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह का अवैध कारोबार सत्ता और माफिया के कथित गठजोड़ के बिना संभव नहीं है।
अपने सोशल मीडिया पोस्ट के अंत में कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर राजनीतिक निशाना साधते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अब भाजपा सरकार को बदला जाना ही एकमात्र रास्ता है। उनका यह बयान सागर जहरीली शराब मामले को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी के बीच आया है।