मुरैना. मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में कूनो क्षेत्र के 19 महीने के युवा चीते की गोली लगने से मौत हो गई। इस घटना ने वन्यजीव संरक्षणकर्ताओं और प्रशासन में चिंता बढ़ा दी है। राज्य बाघ स्ट्राइक फोर्स यानी एसटीएसएफ ने जांच के दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। चीते की मौत के मामले में त्वरित कार्रवाई की गई। वन्यजीव अपराध को गंभीरता से लिया जा रहा है। संरक्षण प्रयासों पर इस घटना का असर पड़ा है।
स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की जांच
राज्य बाघ स्ट्राइक फोर्स इस मामले की जांच का नेतृत्व कर रही है। मुरैना-श्योपुर क्षेत्र में लगभग 20 लोगों से पूछताछ की गई है। शिकार गतिविधियों में संलिप्त संदिग्ध परिवारों के घरों की तलाशी ली गई। स्थानीय लोगों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। जांच टीम घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। वन विभाग और पुलिस का समन्वय बना हुआ है। सबूत जुटाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
रेडियो कॉलर डेटा का उपयोग
जांचकर्ता रेडियो कॉलर डेटा का उपयोग कर यह स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं कि 19 महीने के चीते को कहां गोली मारी गई। कॉलर से मिली जानकारी घटनास्थल और समय का पता लगाने में मददगार साबित हो रही है। तकनीकी डेटा के आधार पर जांच को दिशा दी जा रही है। चीते की आवाजाही के पैटर्न का विश्लेषण किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक वन्यजीव अपराधों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। डेटा से सटीक लोकेशन तय करने का प्रयास जारी है।
स्थानीय संदिग्धों से पूछताछ
एसटीएसएफ ने मुरैना-श्योपुर क्षेत्र के स्थानीय लोगों से व्यापक पूछताछ की है। शिकार में शामिल होने के संदेह वाले परिवारों के यहां छापेमारी की गई। तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने का काम तेज किया गया है। गांव वालों से सहयोग मांगा जा रहा है। संदिग्धों की पृष्ठभूमि और गतिविधियों की जांच की जा रही है। क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर है।
घटनास्थल का मुआयना
गिरफ्तार तीन व्यक्तियों को उस स्थान पर ले जाया गया जहां चीते का शव मिला था। घटनास्थल का मुआयना और सीन रिक्रिएशन कराया गया। मौके से सबूत जुटाने का प्रयास किया गया। गोली लगने के तरीके और दूरी का आकलन किया जा रहा है। फॉरेंसिक जांच के लिए नमूने एकत्र किए गए हैं। घटनास्थल की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। विस्तृत पंचनामा तैयार किया जा रहा है।
हथियार की तलाश और आगे की कार्रवाई
जांच में सबसे बड़ी चुनौती संदिग्ध आग्नेयास्त्र की बरामदगी है। हथियार अभी तक नहीं मिला है। टीम हथियार की तलाश में जुटी हुई है। आरोपियों से पूछताछ में हथियार की जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है। मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कुनो प्रोजेक्ट की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर विचार किया जा रहा है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए कदम उठाए जाएंगे।