भोपाल. मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पिछले 24 घंटों में राज्य के 10 जिलों में बारिश दर्ज की गई। जबकि अन्य शेष जिलों में मौसम शुष्क बना है। राज्य में दिन के समय तेज धूप ने लोगों को परेशान किया है। वहीं रातें ठंडी होने से तापमान गिरा है। इसी बीच मौसम विभाग का ताजा अपडेट सामने आया है। जहां गुरुवार को करीब 12 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है। लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के 12 जिलों में मौसम की चेतावनी जारी की गई है।
पूर्वी जिलों में बारिश का दौर
गुरुवार को राज्य के सतना रीवा मऊगंज सीधी सिंगरौली मैहर शहडोल उमरिया अनूपपुर डिंडोरी मंडला और बालाघाट में आंधी-बारिश की आशंका जताई गई है। वहीं कल यानी 9 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश हो सकती है। पूर्वी हिस्से में सक्रिय चक्रवात और ट्रफ की वजह से बारिश का दौर जारी हुआ है। इसके अलावा 10 से 12 अक्टूबर के बीच पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम साफ रहने की संभावना है। किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मानसून विदाई के बाद भी बारिश
मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को पूरी तरह हो चुकी है। इसके बावजूद स्थानीय मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से पूर्वी हिस्से में बारिश हो रही है। लेकिन यह बारिश पूरे प्रदेश के खेतों के लिए समान असर वाली नहीं होगी। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार अक्टूबर में बारिश के साथ दिन में गर्मी और रात में ठंडक का दौर सामान्य मौसमी बदलाव का हिस्सा है। दिन की गर्मी और रात की ठंडक से तापमान में उतार-चढ़ाव साफ दिख रहा है।
गर्मी से राहत और तापमान
बारिश वाले जिलों में दिन के तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। शुष्क क्षेत्रों में तेज धूप जारी रहेगी। रातें ठंडी होने से न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में पूर्वी मध्य प्रदेश पर विशेष नजर रखने को कहा है। आंधी के साथ बारिश होने की संभावना को देखते हुए खुले में न निकलने और सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।
आगे का मौसम पूर्वानुमान
10 अक्टूबर के बाद सिस्टम कमजोर पड़ने से पूरे राज्य में मौसम साफ रहने की उम्मीद है। स्थानीय प्रणालियों के सक्रिय रहने तक पूर्वी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश संभव है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अक्टूबर का यह पैटर्न सामान्य है जिसमें मानसून विदाई के बाद भी छिटपुट बारिश होती रहती है। नागरिकों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। सतर्कता बरतकर किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सकता है।