भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार राज्य में बड़े स्तर पर कलेक्टर-एसपी समेत IAS और IPS अफसरों के तबादले करने जा रही है। सीएम सचिवालय के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार जल्द ही 60 से 65 अधिकारियों के तबादले करने जा रही है। इनमें 20 से 25 IAS और 25 से 30 IPS अधिकारी शामिल हैं। इसके साथ ही भोपाल में कमिश्नर और सचिव रैंक के अधिकारियों का भी ट्रांसफर होगा। इसके लिए बकायदा लिस्ट तैयार हो चुकी है। सूत्रों की मानें तो बेहद जल्द यह सूची जारी हो सकती है। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि मैदानी स्तर पर कसावट लाने के लिए ये तबादले किए जा रहे हैं।
खराब प्रदर्शन पर कड़ा रुख
प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मैदानी स्तर पर कसावट लाने और खराब प्रदर्शन करने वाले या कार्यालयों में नियमित रूप से उपस्थित न रहने वाले अधिकारियों पर मोहन सरकार कड़ा रुख अपना रही है। ऐसे में 60 से ज्यादा अधिकारियों का तबादला करने जा रही है। नवरात्रि से पहले कई जिलों के कलेक्टर्स और एसपी बदलने की पूरी संभावना जताई जा रही है। फेरबदल की सूची कभी भी जारी हो सकती है। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और जमीनी स्तर पर कामकाज में सुधार लाना है।
पांढुर्णा एसपी का हालिया तबादला
मंगलवार देर रात पांढुर्णा एसपी का तबादला आदेश जारी हुआ। गृह विभाग द्वारा जारी इस आदेश की वजह सीएम की सुरक्षा में चूक बताई जा रही है। यहां एसपी प्रकाश सिंह परिहार को पांढुर्णा से हटाकर पुलिस मुख्यालय यानी PHQ में AIG के पद पर पदस्थ किया गया है। यह आदेश सीएम के दौरे के महज दो दिन बाद जारी हुआ है। बताया जा रहा है कि जिले को सूखा ग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर किसानों ने सीएम का काफिला रोका था जिस वजह से सीएम मोहन को कार से उतरना पड़ा था। इस घटना के बाद तत्काल कार्रवाई की गई।
नवरात्रि से पहले बदलाव की संभावना
नवरात्रि से पहले कई संवेदनशील जिलों में कलेक्टर और एसपी बदले जा सकते हैं। सूची में भोपाल सहित प्रमुख संभागों के अधिकारियों के नाम शामिल होने की चर्चा है। कमिश्नर और सचिव स्तर के तबादले से सचिवालय स्तर पर भी फेरबदल होगा। सरकार प्रशासनिक मशीनरी को और चुस्त-दुरुस्त बनाने पर जोर दे रही है। खराब प्रदर्शन और अनियमित उपस्थिति वाले अधिकारियों को प्राथमिकता पर शिफ्ट किया जा सकता है।
प्रशासनिक दक्षता पर फोकस
सूत्रों के अनुसार तबादला सूची पूरी तरह तैयार है और जल्द जारी होने वाली है। मोहन सरकार मैदानी अमले में सक्रियता और जवाबदेही सुनिश्चित करना चाहती है। कलेक्टर-एसपी स्तर के बदलाव से जिला प्रशासन में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है। हालिया पांढुर्णा प्रकरण ने सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता के मुद्दे को फिर से रेखांकित किया है। पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर होने वाले इन तबादलों से प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद की जा रही है।