भोपाल. मध्यप्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं, जिसके चलते प्रदेश के अनेक जिलों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। बीते कुछ दिनों से कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई है, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत अभी पूरी तरह स्थायी नहीं है। अगले चार दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इसके चलते तापमान में और गिरावट दर्ज हो सकती है तथा लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिल सकती है।
42 जिलों में आंधी-बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट
मौसम विभाग ने बुधवार के लिए प्रदेश के 42 जिलों में विशेष चेतावनी जारी की है। राजधानी भोपाल सहित रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, देवास, शाजापुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं तथा कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
25 से 27 जून तक जारी रहेगा वर्षा का सिलसिला
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 25, 26 और 27 जून को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सक्रिय बना रहेगा। इन दिनों हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कई जिलों में तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी के कारण वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है, जिससे बारिश की गतिविधियों को लगातार बल मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी से जुड़े लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कुछ जिलों में गर्मी का कहर अभी भी जारी
जहां प्रदेश का बड़ा हिस्सा बारिश और तेज हवाओं के प्रभाव में है, वहीं कुछ जिलों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। नरसिंहपुर सहित चार जिलों में हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, अशोकनगर, श्योपुर, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन और आगर-मालवा में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने तक इन क्षेत्रों में गर्मी और उमस की स्थिति बनी रह सकती है।
मानसून की दस्तक का इंतजार जल्द होगा खत्म
मौसम विभाग के ताजा अनुमानों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब मध्यप्रदेश की सीमाओं के काफी करीब पहुंच चुका है। संभावना जताई जा रही है कि बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा के रास्ते मानसून अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। मानसून के प्रवेश के बाद बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की उम्मीद है, जिससे कृषि क्षेत्र को राहत मिलेगी और जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ेगी।
मौसम विभाग ने जारी की सावधानी संबंधी सलाह
लगातार बदलते मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों में जाने, पेड़ों के नीचे खड़े होने तथा बिजली के खंभों और तारों के संपर्क में आने से बचने की सलाह दी गई है। आकाशीय बिजली की संभावना वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा टालने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की हिदायत दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी संभावित दुर्घटनाओं से बचा सकती है।