मंगलवार को भारी गिरावट से निवेशकों को झटका देने के बाद बुधवार, 24 जून को शेयर बाजार ने जोरदार वापसी की है। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 400 अंक की तेजी के साथ 76,600 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी लगभग 100 अंक मजबूत होकर 23,900 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी आईटी और फार्मा सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा फिर से लौटता नजर आया। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कारोबारी सत्र में आई बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों ने मजबूत कंपनियों के शेयरों में फिर से खरीदारी शुरू की है, जिसका असर बाजार की तेजी के रूप में दिखाई दे रहा है।
IT और फार्मा शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी
आज के कारोबार में आईटी और फार्मा सेक्टर निवेशकों की पहली पसंद बने हुए हैं। टेक महिंद्रा, इंफोसिस, पावर ग्रिड और ICICI बैंक के शेयरों में 3% तक की तेजी देखने को मिली। इन शेयरों में खरीदारी बढ़ने से बाजार को मजबूती मिली और प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।
आज के प्रमुख गेनर
सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार रिकवरी
बाजार की इस तेजी ने निवेशकों को राहत दी है, क्योंकि पिछले सत्र में भारी बिकवाली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में आ गए थे।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में आज मिश्रित कारोबार देखने को मिला।
अमेरिकी बाजारों में रही कमजोरी
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे। टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली के कारण नैस्डैक में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली।
विदेशी निवेशकों ने की खरीदारी
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने मंगलवार को 18 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की ओर से भी बाजार में मजबूत निवेश देखने को मिला।
FII और DII का निवेश (करोड़ रुपए में)
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी भारतीय बाजार को लगातार सहारा दे रही है।
मंगलवार को बाजार में आई थी बड़ी गिरावट
इससे पहले 23 जून को शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। सेंसेक्स 893 अंक टूटकर 76,200 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 278 अंक की गिरावट के साथ 23,824 पर बंद हुआ था। ऐसे में बुधवार की तेजी निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है।
क्या आगे भी जारी रहेगी तेजी?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर आगे की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी। यदि आईटी और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी बनी रहती है, तो बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है। हालांकि वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़े निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं।