विजयवाड़ा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कोर्ट ने TDP प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू की अवधि 2 और दिनों के लिए बढ़ा दी। बता दें कि, अदालत का यह फैसला तब आया जब पहले लगाई गई रिमांड समाप्त हो गई है। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने पूर्व सीएम नायडू की कानूनी टीम द्वारा दायर जमानत याचिका को 21 सितंबर तक के लिए टाल दिया। दरअसल, नायडू को कथित कौशल विकास निगम घोटाले के सिलसिले में विजयवाड़ा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कोर्ट ने 10 सितंबर को 23 सितंबर तक 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
सीएम जगन रेड्डी की सरकार के तहत राज्य में लोकतंत्र खतरे में है
आपको बता दें कि, इससे पहले 17 सितंबर को TDP ने सर्वदलीय बैठक में आंध्र प्रदेश सरकार के समक्ष नायडू की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया था। मिली जानकारी के अनुसार, इस दौरान TDP और YSR कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बहस हो गई गई थी। सूत्रों के अनुसार, TDP नेता राम मोहन नायडू ने पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी में केंद्र की मोदी सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है और आरोप लगाया है कि, मुख्यमंत्री जगन रेड्डी की सरकार के तहत राज्य में लोकतंत्र खतरे में है।
प्रदेश सरकार को 300 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ
राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा कि, पार्टी संसद के विशेष सत्र के दौरान TDP प्रमुख नायडी की गिरफ्तारी को निश्चित रूप से उठाएगी। वहीं अधिकारियों के अनुसार, जिस मामले में पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू को गिरफ्तार किया गया है, वह आंध्र प्रदेश राज्य में उत्कृष्टता केंद्रों (सीओई) के समूहों की स्थापना से संबंधित है, जिसका कुल अनुमानित परियोजना मूल्य 3 हजार 300 करोड़ रुपये है। इस दौरान अधिकारियों ने दावा किया कि, कथित धोखाधड़ी से राज्य सरकार को 300 करोड़ रुपये से अधिक का भारी नुकसान हुआ है।
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