महाकुंभ 2025 को लेकर शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज का बड़ा बयान सामने आया है। कुंभ मेले में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर शंकराचार्य ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि, जिन्हें वंदे मातरम बोलने में तकलीफ होती है, उन्हें प्रवेश क्यों दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि, भारत में मुगलों ने सैकड़ों सालों तक राज किया। मंदिरों को तोड़कर ही मस्जिदों का निर्माण किया है।
महाकुंभ में गैर हिंदुओं की जरूरत नहीं है
महाकुंभ में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर द्वारका शारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि, जहां सनातनी देवी देवताओं की पूजा करते हैं, वहां गैर हिंदुओं की जरूरत नहीं है। जिन्हें वंदे मातरम बोलने में तकलीफ होती है, उन्हें प्रवेश क्यों दिया जाए। वहीं उन्होंने आगे कहा कि, मंदिरों के अतिरिक्त खाली जमीनों पर मस्जिदें बनाई गई होती तो आज ये समस्या ही नहीं होती। वक्फ के दावा कर देने से जमीन उनकी नहीं हो जाती है।
इस बार का महाकुंभ विशेष है
सनातन सभ्यता के सबसे बड़े पर्व में से एक महाकुंभ के शुभारंभ का इंतजार सभी को है। मेले को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी 2025 से महाकुंभ की शुरुआत होगी। वहीं इस बार श्रद्धालु इस महाकुंभ में आने के लिए उत्साहित और लालायित भी हैं। क्योंकि इस बार का महाकुंभ विशेष है।
विश्व के कोने-कोने से आ रहे साधु-संत
पूरे 144 साल बाद विशेष संयोग के चलते इस बार के महाकुंभ कि विशिष्टता बढ़ गई है। इधर, महाकुंभ में देश और दुनिया के कोने-कोने से साधु और संतों का आगमन शुरू हो चुका है। महाकुंभ में आस्था और भक्ति के अनेक प्रकार के रंग देखने को मिल रहे है।
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