जनपद हरिद्वार में बारिश के कहर से किसान पूरी तरह से बर्बाद हो गया। भारी बरसात के चलते लक्सर, मंगलोर, खानपुर में आई बाढ़ ने सबसे ज्यादा खेती को नुकसान हुआ है। गन्ने की फसल से लेकर पशुओं का चारा भी बाढ़ की चपेट में आ गया है। बाढ़ क्षेत्रों का निरीक्षण करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलौर क्षेत्र के गांव में जाकर किसानों की फसलों का जायजा लिया।
हरीश रावत ने बरसात में बर्बाद हुई फसलों का निरीक्षण किया
बाढ़ के चलते बर्बाद हुई फसलों का जायजा लेने के लिए कांग्रेस समर्थको के साथ पूर्व सीएम हरीश रावत ने खेतों में जाकर बरसात में बर्बाद हुई फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसानों की बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा देने की मांग की है। रावत ने धामी सरकार से किसानों के हुए नुकसान का 10 हजार रुपए प्रति बीघा मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि, लक्सर, खानपुर और मंगलौर क्षेत्र में किसानों की पूरी फसले पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों के सामने अपने परिवार का पालन पोषण करना दुश्वार हो गया है। ऐसी स्थिति में प्रदेश सरकार को जनपद हरिद्वार के पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा देने चाहिए। उन्होंने कहा कि, अगर सरकार उनकी मांगे नही मानती है तो वह अपने समर्थकों के साथ अनिश्चितकालीन धरना देने से भी गुरेज नहीं करेगे।
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