नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया और फारस की खाड़ी के साथ ही काला सागर क्षेत्र में जारी संघर्षों में अब तक मारे गए भारतीय नाविकों और सुरक्षित निकाले गए भारतीयों के बारे में जानकारी दी है। इन क्षेत्रों में जारी संघर्षों में अब तक 16 भारतीय नाविकों की जान गई है। पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार ने गुरुवार को बताया कि पश्चिम एशिया और फारस की खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष में 11 भारतीय नाविकों की जान गई है जबकि जहाजरानी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पांच अन्य लोग काला सागर में मारे गए। यह आंकड़ा संघर्ष की गंभीरता को दर्शाता है।
होर्मुज से सुरक्षित वापसी
उन्होंने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत सरकार होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र से 4232 भारतीय नाविकों को सुरक्षित स्वदेश वापस ला चुकी है। इसी वर्ष 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज और फारस की खाड़ी के कुछ हिस्सों में जहाजों पर मिसाइल हमले लगातार हो रहे हैं। अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए पहले दिन के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई और कई शीर्ष कमांडरों की मौत हुई थी। पश्चिम एशिया में स्थित होर्मुज स्ट्रेट एक संकरा समुद्री मार्ग है जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। जहाजों की आवाजाही के लिए यह एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है।
काला सागर में भी नुकसान
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि काला सागर में जारी संघर्ष में 28 फरवरी से अब तक पांच भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि 28 फरवरी से अब तक भारतीय हित के 74 जहाज होर्मुज से गुजरे हैं जिनमें से 25 भारतीय झंडे वाले थे और बाकी विदेशी झंडे वाले थे। इस समय भारतीय झंडा लगे आठ जहाज होर्मुज क्षेत्र में हैं। सरकार इन जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखे हुए है।
सरकार की निरंतर निगरानी
भारत सरकार नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। होर्मुज स्ट्रेट जैसे संवेदनशील क्षेत्र से बड़ी संख्या में नाविकों को सुरक्षित निकालना सरकार की सक्रियता को दर्शाता है। संघर्ष क्षेत्रों में जहाजों पर हो रहे हमलों ने समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। मंत्रालय स्थिति की नियमित समीक्षा कर रहा है और आवश्यक कदम उठा रहा है।
समुद्री सुरक्षा की चुनौती
फारस की खाड़ी और काला सागर दोनों क्षेत्रों में जारी संघर्षों ने भारतीय नाविकों को प्रभावित किया है। 16 मौतों की पुष्टि के साथ ही सरकार ने सुरक्षित निकास के आंकड़े भी साझा किए हैं। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है इसलिए यहां सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण है। भारत नाविकों की आपूर्ति करने वाला प्रमुख देश होने के नाते उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रयास कर रहा है। स्थिति पर नजर रखते हुए आगे के कदम उठाए जाएंगे।