बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए चुनाव पूर्व नित नए प्रपंच रचती है। हेडलाइन मैनेजमेंट करती है।
'देश महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी से त्रस्त'
तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट किया और लिखा कि धर्म की राजनीति के बाहर देश की बहुसंख्यक आबादी है, जो नौकरी, अच्छी शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था, विकास और रोजगार मांगती है। उन्होंने कहा कि यही देश की बहुसंख्यक आबादी महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी से त्रस्त है। विगत 10 वर्षों में भाजपा शासन में खाद्य पदार्थों के दामों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। गैस सिलेंडर 400 की बजाय एक हजार से अधिक का हो गया। रसोई का सारा बजट गड़बड़ा गया। मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग महंगाई और बेरोजगारी से परेशान है। विगत 46 वर्षों में देश में सबसे अधिक बेरोजगारी दर है।
बीजेपी संविधान बदलने और आरक्षण खत्म करने की बातें कर रही है
राजद नेता ने कहा कि देश में गरीबी का आलम यह है कि खुद मोदी सरकार मानती है कि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन वितरण करना पड़ रहा है। एनडीए सरकार के नोटबंदी जैसे बिना सोचे-समझे लिए गए फैसलों तथा बड़े उद्योगपतियों के पक्ष में नीति बना गलत निर्णय लेने से छोटे व्यापारी व लघु एवं मध्यम उद्योग धंधे समाप्त हो रहे हैं, जिससे करोड़ों की संख्या में स्वरोजगार खत्म हो गए हैं और हो रहे है। बीजेपी सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर उनकी विश्वसनीयता को समाप्त कर दिया है। बीजेपी नेता संविधान बदलने और आरक्षण खत्म करने की बातें कर रहे है ताकि आरएसएस का विभाजनकारी एजेंडा लागू किया जा सके।