जालंधर: हाल ही में चर्चा में बने रहे अलगाववादी खालिस्तानी अमृतपाल (Amritpal singh) जिसको पुलिस अब भी ढूंढ रही है, उसने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि वह भारत के संविधान में नहीं मानता है। इसके साथ ही उसने ये भी कहा कि वो खुद को भारतीय नहीं मानता है।
जालंधर में देता था नफरती भाषण
पंजाब के जालंधर से खालिस्तानी अमृतपाल नफरती भाषण देता था। जिससे उसने अपने कई सारे समर्थक बना लिए थे। हाल ही में पुलिस ने उसकी खोज में अभियान शुरू किया था। जिसमें पुलिस ने उसके कई सारे समर्थकों को गिरफ्तार किया कर जेल में डाल दिया है। दो दिन पहले ही अमृतपाल ने भागने की कोशिश की थी। जहां पुलिस ने उसकी कार से तलवार के साथ बंदूक और भी कई सारे हथियार बरामद किए थे।
'मैं खुद को भारतीय नहीं मानता'
अमृतपाल के सुर्खियों में आने के बाद बीबीसी ने खालिस्तान और अजनाल को लेकर इंटरव्यू किया। जिसमें खालिस्तानी अमृतपाल यह कहते नजर आया कि वह खुद को भारतीय नहीं मानता। इसके साथ-साथ उसने यह भी कहा कि वह ऐसा इसीलिए मानता है क्यूंकि भारत को वह एक अंब्रेला आईडेंटिटी मानता है।
'मैं भारत के संविधान को नहीं मानता'
इंटरव्यू में खालिस्तानी अमृतपाल (Amritpal singh) ने यह भी कहा कि वह भारत के संविधान में नहीं मानता। उसका मानना है कि यह संविधान ब्रिटिशर्स ने दिया था इसमें कोई बदलाव नहीं किए गए हैं।
सिक्ख धर्म को बताया अलग
खालिस्तानी अमृतपाल के मुताबिक सिक्ख धर्म अलग है। इसका किसी और धर्म से कोई लेना-देना नहीं है लेकिन संविधान के मुताबिक सिक्ख धर्म को सनातन का ही हिस्सा बताया गया है।
अमृतपाल ने सुप्रीम कोर्ट को लेकर कही ये बात
अमृतपाल ने इसी इंटरव्यू में कहा, सुप्रीम कोर्ट का मैनडेट है कि शांतिपूर्ण तरीके से खालिस्तान की बात की जा सकती है। उसने तर्क देते हुए कहा, हम जिस दौर में जी रहे हैं वहां अलगाव की बात करना कोई बुरी बात नहीं हैं। राजद्रोह जैसे कानून औपनिवेशिक कानून हैं जिसको अमल में लाना सही बात नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक खालिस्तान जिंदाबाद कहना भी कानूनी है।
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