भारत के दूसरे प्रधानमंत्री और जय जवान, जय किसान नारा देने वाले लाल बहादुर शास्त्री की आज पुण्यतिथि है। शास्त्री की पुण्यतिथि के अवसर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें याद किया।
लाल बहादुर शास्त्री को मल्लिकार्जुन खड़गे ने दी श्रद्धांजलि
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है कि, लाल बहादुर शास्त्री ने कहा था, मेरी समझ से प्रशासन का मूल विचार समाज को एकजुट रखना है, ताकि वो विकास कर सके और अपने लक्ष्यों की तरफ बढ़ सके। खड़गे ने आगे कहा कि, जय जवान, जय किसान के प्रेरक, महान गांधीवादी, हमारे आदर्श, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर हम उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भूमि सुधार से लेकर दुग्ध क्रांति की नींव रखने तक, रेलवे में थर्ड क्लास को खत्म करने से लेकर 1965 की जंग तक, अपनी सरलता एवं सादगीपूर्ण जीवन से सबके प्रेरणास्रोत बने, शास्त्री ने देश की उन्नति के लिए हमेशा काम किया।
लाल बहादुर शास्त्री को नितिन गडकरी ने दी श्रद्धांजलि
वहीं भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा है कि, देश के पूर्व प्रधानमंत्री ‘जय जवान जय किसान’ के प्रणेता भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र अभिवादन।
लाल बहादुर शास्त्री करीब 18 महीने तक देश के प्रधानमंत्री रहे
आपको बता दें कि, लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। शास्त्री जून 1964 से जनवरी 1966 तक भारत के दूसरे प्रधानमंत्री रहे थे। उन्होंने पंडित जवाहर लाल नेहरू के निधन के बाद प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने भारत की पहली स्वतंत्र सरकार में गृह मंत्री और रेल मंत्री जैसी महत्वपूर्ण पद संभाले थे। लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में ही 1965 का भारत-पाकिस्तान युद्ध हुआ था। हालांकि, वह करीब 18 महीने तक देश के प्रधानमंत्री रहे। 11 जनवरी 1966 की रात में रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई थी।
पीएम के कहने पर उपवास रखने लगा था पूरा देश
लाल बहादुर शास्त्री जून 1964 से जनवरी 1966 तक भारत के पीएम रहे। इस दौरान भारत में अनाज की भारी कमी थी। अनाज के लिए भारत अमेरिका पर निर्भर था। इसी बीच 1965 में पाकिस्तान ने भारत पर हमला कर दिया। भारतीय सेना ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया, लेकिन सैनिकों के लिए खाने की समस्या हो रही थी। ऐसे में पीएम शास्त्री ने सभी देशवासियों से एक समय का खाना छोड़ने की अपील की थी। देश के लोगों ने इस अपील को माना भी था। भारत ने युद्ध में पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया और आने वाले सालों में खाने को लेकर भी आत्मनिर्भर बना।
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